बांग्लादेश प्रीमियर लीग होगी रद्द! खिलाड़ियों ने बोर्ड के समाने रखी ऐसी शर्त, खतरे में नजमुल की कुर्सी

Bangladesh Cricketers Revolt:बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम की विवादित टिप्पणियों से क्रिकेटरों का गुस्सा बरकरार है। बीसीबी ने उन्हें वित्त समिति से हटाया, डायरेक्टर पद पर बने हैं।
Bangladesh Premier League Cancel
बांग्लादेश प्रीमियर लीग रद्द होने का खतरा बढ़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bangladesh Premier League Cancel: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम की अपमानजनक टिप्पणियों के बाद देश के क्रिकेट खिलाड़ियों का गुस्सा अभी भी ठंडा नहीं हुआ है। बीसीबी ने नजमुल को अपनी वित्त समिति के अध्यक्ष पद से हटाया है, लेकिन वह बोर्ड डायरेक्टर के पद पर अभी भी बने हुए हैं। क्रिकेटरों ने स्पष्ट कर दिया है कि नजमुल इस्लाम के सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और उन्हें डायरेक्टर पद से हटाए जाने की प्रक्रिया तेज किए जाने तक वे मैदान में नहीं उतरेंगे। 

खिलाडियों के इस फैसले के कारण बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) भी अधर में लटक गई है। गुरुवार को बीपीएल के दो मैच खिलाड़ियों के बहिष्कार के चलते स्थगित कर दिए गए। क्रिकेटर्स वेल्फेयर असोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) ने कहा कि खिलाड़ी शुक्रवार से खेल में लौट सकते हैं, बशर्ते नजमुल सार्वजनिक माफी मांगें और बोर्ड उन्हें डायरेक्टर पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करे।

BCB ने बयान में क्या कहा? 

बीसीबी मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को एक जारी किया। जिसमें बोर्ड ने कह कि, “हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा के बाद और संगठन के सर्वोत्तम हित में बीसीबी अध्यक्ष ने नजमुल इस्लाम को वित्त समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का फैसला किया है। अगले आदेश तक बीसीबी अध्यक्ष वित्त समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष का पद संभालेंगे। बोर्ड दोहराता है कि क्रिकेटरों के हित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।”

क्या है पूरा विवाद?

विवाद तब शुरू हुआ जब नजमुल ने ‘सुरक्षा चिंताओं’ के कारण अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत जाने से बांग्लादेश के इनकार को दोहराया और देश के टूर्नामेंट से हटने पर खिलाड़ियों की पारिश्रमिक से जुड़ी चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने अब तक आईसीसी प्रतियोगिताओं में कोई जीत हासिल नहीं की है। इस बयान से क्रिकेटरों में गुस्सा भड़का और CWAB ने नजमुल को हटाने की मांग की। बीसीबी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। नजमुल ने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को ‘भारत का एजेंट’ कहकर विवाद और बढ़ा दिया।

सिनियर खिलाड़ियों ने खोला मोर्चा

इसे लेकर बांग्लादेश टीम के कई सिनियर खिलाड़ियों ने नजमुल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।  ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने कहा, “क्रिकेट बोर्ड हमारा अभिभावक है, लेकिन किसी का ऐसा बयान देना बेहद निराशाजनक है। बोर्ड आईसीसी और प्रायोजकों के पैसे से चलता है और हमें इससे उचित लाभ मिलना चाहिए।”

इसके अलावा टी20 कप्तान लिटन दास ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर भुगतान और सुविधाएं मिलनी चाहिए और महिला खिलाड़ियों को सुरक्षित महसूस करना चाहिए। टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शंटो ने भी कहा कि मौजूदा हालात में खिलाड़ी बहुत तनाव में हैं और यह मुद्दा जल्द सुलझाना जरूरी है।

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