

Who is Shreyasi Singh: बिहार विधानसभा चुनाव में एक बार फिर नितीश कुमार का दबदबा देखने को मिला है। नितीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। एनडीए ने 243 में से 202 सीटों पर शानदार जीत दर्ज करते हुए राज्य में फिर से सत्ता पर कब्जा किया है। इसी जीत के बीच नितीश मंत्रिमंडल में एक ऐसा नाम शामिल हुआ है, जिसने खेल जगत में भारत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। ये नाम है गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज और अब विधायक बनीं श्रेयसी सिंह। शपथ ग्रहण के दौरान जब वे मंच पर पहुंचीं, तो सबकी नजरें उनकी ओर ठहर गईं।
34 वर्षीय श्रेयसी सिंह भारतीय शूटिंग की प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रही हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया है। साल 2020 में वह पहली बार बीजेपी के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरीं और जीत हासिल की। इसी जनादेश ने उन्हें राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई। इस बार के चुनाव में भी उन्होंने जमुई विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है, और वह भी पिछली बार से अधिक अंतर के साथ। उनकी लोकप्रियता और जीत के प्रभाव ने उन्हें नितीश सरकार के नए मंत्रिमंडल में जगह दिलाई है। खास बात यह है कि इस बार के मंत्रिमंडल में श्रेयसी सबसे युवा मंत्री बनी हैं, जो उनके राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि है।
श्रेयसी सिंह का खेल करियर बेहद चमकदार रहा है। साल 2014 में आयोजित ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने महिलाओं की डबल ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसके बाद साल 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने डबल ट्रैप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जो उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2018 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। एक खिलाड़ी के रूप में उनकी यह सफलता अब राजनीति में भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
श्रेयसी सिंह राजनीति में नई जरूर हैं, लेकिन उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता दिग्विजय सिंह लोकसभा सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रेल राज्य मंत्री भी बने। 2010 में उनकी मां ने भी बांका लोकसभा उपचुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था। खेल के मैदान से लेकर राजनीति की दुनिया तक, श्रेयसी सिंह का सफर मजबूत इच्छा शक्ति और मेहनत की मिसाल है। आज वे बिहार की युवा नेतृत्वकारी आवाज बनकर उभर रही हैं और अपनी नई जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।