निशानेबाज: किसकी राह आसान, किसकी कठिन, चुनाव के लिए कौन सा शुभ दिन

अमेरिका में हर चार वर्ष में राष्ट्रपति का चुनाव होता है। इससे भी खास बात यह है कि ये चुनाव हमेशा मंगलवार के दिन होता है। इस पर 'निशानेबाज' क्या कुछ कहते हैं आप भी पढ़िए।
किसकी राह आसान किसकी मुश्किल कौन सा दिन है चुनाव के लिए शुभ
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नवभारत डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, अमेरिका में हर 4 वर्ष में नवंबर के पहले मंगलवार को ही राष्ट्रपति चुनाव क्यों होता है? क्या सब कुछ कुशल-मंगल रहे इसलिए मंगल को मतदान होता है? आमिर खान की फिल्म ‘मंगल पांडे : दि राइजिंग’ का गीत था- मंगल-मंगल हो! हिंदी में जंगल में मंगल मनानेवाली कहावत आपने सुनी होगी। पंडित भी मंत्र पढ़ते हैं- मंगलम भगवान विष्णु मंगलम गरूड़ध्वज, मंगलम पुंडरीकाक्ष, मंगलायतनो हरि। कुछ लोग मंगली होते हैं जिनकी शादी के लिए वैसी ही मंगली लड़की ढूंढ़ी जाती है।’’

हमने कहा, ‘‘आप इधर-उधर की बातों में मत पड़िए। अमेरिका में नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को चुनाव कराने की परंपरा 1845 से चली आ रही है। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) ने कानून बनाकर पूरे देश के मतदान के लिए एक ही दिन तय कर दिया था। वहां 1 नवंबर को ईसाई आल सेंटस डे मनाते हैं और व्यापारी अपना महीने का हिसाब पूरा करते हैं इसलिए दूसरे दिन मंगलवार को चुनाव होता है। यह दिन किसानों के लिए भी अनुकूल रहता है क्योंकि तब कृषि सीजन नहीं रहता।’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभाओं का चुनाव बुधवार 20 नवंबर को होने जा रहा है। हमें बुध की महिमा बताइए।’’ हमने कहा, ‘‘बुधवार को चाहे तो बुद्धिमानों और बुद्धिजीवियों से जोड़ लीजिए। उस दिन बुद्धिमान से लेकर बुद्धू तक सभी एक कतार में खड़े होकर वोट डालेंगे नया कपड़ा पहनने के लिए बुधवार शुभ माना जाता है इसलिए लोकोक्ति है- कपड़ा पहने 3 बार, बुध, बृहस्पति, शुक्रवार। ज्योतिष में बुधादित्य योग होता है। पुराणों के अनुसार बृहस्पति की पत्नी तारा का अपहरण कर चंद्रमा अपने साथ ले गया था। बुध को चंद्रमा और तारा का बेटा माना गया है।’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज, हस्तरेखा शास्त्र या पामिस्ट्री में बुध पर्वत उभारदार रहने और मणिबंध से निकली तिरछी रेखा वहां तक पहुंचने पर व्यक्ति व्यापार-व्यवसाय में बहुत सफल होता है।’’ हमने कहा, ‘‘आज की राजनीति भी किसी व्यापार से कम नहीं है। इसमें भी वही नियम है कि पहले इन्वेस्ट करो और किस्मत साथ दे तो कमाओ। अच्छा हुआ कि शनिवार या रविवार को वोटिंग नहीं रखी गई नहीं तो लोग वोट डालने की बजाय वीकेंड मनाते। बुधवार को ऐसा कोई बहाना नहीं चलेगा।’’

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

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