- Hindi News »
- Special Coverage »
- Uv Index India Heatwave Global Warming Impact Animals Crops
नवभारत विशेष: UV किरणों से आई कीट-पतंगों की शामत
High UV Index: देश में UV इंडेक्स खतरनाक स्तर पर, बढ़ती गर्मी से इंसान, फसल और जीव-जंतु प्रभावित। ग्लोबल वार्मिंग के असर साफ नजर आ रहे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल

Extreme UV Heat India ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Extreme UV Heat India: भारत में इस समय यूवी (अल्ट्रावायलेट) किरणों ने जीना हराम कर दिया है। इंसान गर्मी के कारण परेशान है, तो जीव जंतु असमय ही काल के ग्रास बन रहे हैं। हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिन दिनों में पंखे चलते थे।
उन दिनों एसी पूरी ताकत के साथ चलाए जा रहे हैं। यह ग्लोबल वार्मिंग के कारण है। जब तापमान सुहावना होना चाहिए, तो 42 डिग्री हो गया है। यूवी किरणों ने सड़क पर अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
इस समय देश में यूवी इंडेक्स 13 दर्ज हुआ है, यह डब्लूएचओ के अनुसार खतरे का उच्चतम स्तर है। सिमटती बसंत ऋतु का ही परिणाम है कि इस वक्त पराबैंगनी किरणें जिन्हें यूवी किरणें भी कहते हैं, ने मई-जून की गर्मी ला दी है।
सम्बंधित ख़बरें
Chhatrapati Sambhajinagar के गौताला अभयारण्य में वन्यजीव गणना, 70 प्रकृति प्रेमियों ने मचानों से किया अवलोकन
नहीं रहे Rita Bahuguna Joshi के पति: लखनऊ SGPGI में हुआ निधन, कल प्रयागराज में पंचतत्व में होंगे विलीन
4 मई का इतिहास: ‘आयरन लेडी’ मार्गरेट थैचर का उदय, डेली मेल और ऑस्कर अकादमी की भी ऐतिहासिक शुरुआत
नवभारत संपादकीय: महाराष्ट्र विकास की दिशा में तेजी से अग्रसर, सरकार का दावा; वैश्विक प्रतिस्पर्धा का लक्ष्य
इस समय युवी किरणें इतनी प्रखर हैं कि 35 डिग्री में भी 40 डिग्री को गर्माहट महसूस हो रही है और वातावरण में नमी नहीं होने के कारण फसलें तो अर्ध विकसित जैसी हो ही रही हैं, जिन जीव-जंतुओं के माध्यम से प्रकृति संतुलित रहती है, वे भी असमय मर रहे हैं।
मरने वालों में सबसे अधिक तितलियां, भौर, पीली बरं और शहद की रानी मधुमक्खी हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि दिन निकलने के साथ ही गर्मी आरंभ हो जाती है।
इसका नतीजा यह हुआ है कि जो फसलें अप्रैल में आती थी, वह फरवरी के आखिर में ही आ गई हैं। तरबूज, खरबूज, ककड़ी और कैरी उत्तर भारत में हर कहीं बहुतायत में उपलब्ध हैं। इनमें ग्रीष्म ऋतु वाला स्वाद और मिठास नहीं है।
कृषि विज्ञानियों को चिंता है कि जिस तरह से गेहूं कम मीठा तथा सूखा सा हो रहा है, उससे आगामी फसलें किस तरह से स्वस्थ रहेंगी। सरसों की भी दशा यही बताई जा रही है।
यूवी किरणें प्रकृति को संतुलित करने वाले उन जीवों पर घातक सिद्ध हो रही हैं, जिनके माध्यम से पर्यावरण संतुलन सधता है। एक फूल, खाद्यान्न की बालियां, वृक्षों की कोमल पत्तियों तथा अन्य माध्यमों से जो परागण होता था, वह यूवी किरणों के कारण नहीं के बराबर हुआ। तितलियां, बरं, भौर तथा मधुमक्खी आदि मूलतः ठंडी जलवायु के अनुकूल होते हैं।
इस बार उन्हें गर्मी जैसी सर्दी के कारण फूलों आदि से अधिक लाभ नहीं मिले, जिससे उनके टिश्यू कमजोर रह गए, बसंत के आरंभ होते ही गर्मी आरंभ हो गई, तो उनके रोएंदार शरीर पर धूप से निकली यूवी किरणें घातक बन गई।
हवा के साथ उड़ने वाले जीवों की सूंघने की क्षमता भी गर्मी के कारण कम हो जाती है, जिससे भी वह अपना भोजन तलाशने में काफी परेशान होते हैं। धरती के भीतर रहने वाले कीड़े यथा चीटियां, केंचुए आदि भी एकाएक गर्म हुई धरती के कारण उस प्रक्रिया से नहीं गुजर पाए, जिससे धरती भुरभुरी होती है।
गर्मी से फूल जल्दी नष्ट हुए, कच्चे अनाज के दानों से मिलने वाले पोषण में भयंकर कमी से दोनों ही प्रकार के जीवों पर मुसीबत आन पड़ी। कीड़े और जीव मनुष्य जीवन को संतुलित करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं, जिस तरह से हमारा जीवन चक्र है, उसी तरह से धरती पर कीटों का भी एक सुरक्षा चक्र है। इसी के कारण हमारी पृथ्वी के वृक्ष बच्चे हैं, पशु-पक्षी बचे हैं, जल बचा है, इंसान भी इनकी मेहरबानी से बचा हुआ है।
गर्मी से इंसान भी परेशान
यूवी किरणों का स्रोत सूर्य ही है। इस तरह से यूवी किरणें मौत का पर्याय बन रही हैं, जो आने वाले मौसम और प्रकृति को संतुलित करने वाले जीवों के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें:-नवभारत निशानेबाज: ट्रंप का कैबिनेट पर उपकार देने लगे जूतों का उपहार
माना जाता है कि यूवी की मात्रा 8 से 10 के बीब होनी चाहिए, इससे ऊपर जाने पर यह हर प्रकार के जीव के लिए खतरनाक है। अत्यधिक एयर कंडीशनरों का प्रयोग ही नहीं, हानिकारक गैस छोड़ने वाले पदार्थ भी जमीन से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर ओजोन परत को अगर हानि पहुंचाएंगे तो तय है कि ओजोन परत से रुकने वाली यूवी किरणें हमारे लिए एक नई मुसीबत बन जाएंगी।
लेख-मनोज वाष्र्णय के द्वारा
Uv index india heatwave global warming impact animals crops
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 5 May 2026: विघ्नहर्ता गणेश की कृपा से इन 5 राशियों के कटेंगे कष्ट, जानें अपना भाग्य
May 05, 2026 | 12:29 AMक्या आप जानते हैं? बड़े मंगल पर शिवलिंग की पूजा से प्रसन्न होते हैं हनुमान जी, जानें क्या चढ़ाना है शुभ।
May 04, 2026 | 11:31 PMलोकतंत्र न कभी मरेगा, न हारेगा क्योंकि देश की जनता जीवित है, चुनाव परिणामों पर संजय राउत का बड़ा बयान
May 04, 2026 | 10:55 PMबंगाल में ढहा ममता का किला, तमिलनाडु में स्टालिन का पत्ता साफ; विपक्ष के लिए अब आगे की राह क्या?
May 04, 2026 | 10:55 PMApni Janm Tareekh: अपनी जन्म तारीख से खुद जानें करोड़पति बनने का सही समय, आजमाएं यह जादुई ट्रिक।
May 04, 2026 | 10:55 PMAdhik Maas: 17 मई से अधिकमास शुरू, भूलकर भी न करें ये काम, वरना भुगतना पड़ सकता है भारी नुकसान!
May 04, 2026 | 10:26 PMपायधुनी मौत मामला, बिरयानी और तरबूज को क्लीन चिट, अब मौत के पीछे मॉर्फिन का रहस्य
May 04, 2026 | 10:23 PMवीडियो गैलरी

बंगाल जीत के बाद भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय, बोले- मुझ पर बलात्कार, बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर लगाए गए
May 04, 2026 | 04:59 PM
बंगाल में लाठीचार्ज, कहीं खून खराबा तो कहीं चले लात घूसे, काउंटिंग के दौरान BJP-TMC समर्थकों का हंगामा, VIDEO
May 04, 2026 | 03:50 PM
Assam Election 2026: ‘पंजे’ पर भारी पड़ रहा ‘कमल’, रूझानों में बीजेपी आगे, असम में फिर चला हिमंता का जादू
May 04, 2026 | 01:08 PM
West Bengal Elections: बंगाल में कमल खिलेगा! शुरुआती रुझानों में BJP की बढ़त पर क्या बोले राजनेता- VIDEO
May 04, 2026 | 12:01 PM
Assembly Elections Results: 5 राज्यों में मतदान जारी, कौन मारेगा बाजी? पक्ष-विपक्ष में छिड़ी जंग, देखें VIDEO
May 04, 2026 | 11:45 AM
पवन खेड़ा को मिली अग्रिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाई कोर्ट का आदेश, जानें पूरा मामला
May 02, 2026 | 02:41 PM














