
सर्दियों में सिर-कान और पैर की मालिश (सौ. सोशल मीडिया)
Winter Skin Care Ayurveda: सर्दियों का मौसम चल रहा है इस मौसम में सेहत के साथ ही त्वचा पर भी खराब प्रभाव देखने के लिए मिलते है। सर्दियों के तापमान की वजह से त्वचा रूखी, बेजान होने लगती है। ठंडी हवाएं शरीर की नमी छीन लेती हैं, जिससे स्किन ड्राई हो जाती है। इसके लिए आप कई तरह के नुस्खे अपनाते है लेकिन काम नहीं आते है। आयुर्वेद में शरीर के हर अंग की मजबूती के लिए इलाज छिपा हुआ है। शरीर के अंगों की मजबूती के लिए अभ्यंग या तेल मालिश में छिपा है। आयुर्वेद बताता है कि सर्दियों में शरीर के तीन हिस्सों पर तेल जरूर लगाना चाहिए। इससे एक-दो नहीं कई लाभ मिलते हैं।
आयुर्वेद या भारत सरकार का आयुष मंत्रालय के द्वारा अभ्यंग या तेल से मालिश करने को सबसे अच्छे आयुर्वेदिक उपाय के बारे में बताया गया है। इस उपाय के अनुसार , यह न सिर्फ त्वचा को नमी और कोमलता लौटाता है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधारता है। यहां पर आयुष मंत्रालय के अनुसार कहा गया है कि, सर्दियों में खास तौर पर तीन जगहों– सिर, कान और पैर पर जरूर ध्यान दें। ये हिस्से सर्दियों में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं और इन पर मालिश से विशेष लाभ मिलता है।
शरीर की मजबूती के लिए अगर आप अभ्यंग या तेल मालिश करने की सोच रहे है तो सही और अच्छा तेल चुन सकते है। अभ्यंग के लिए तिल का तेल सबसे उत्तम होता है जो गर्म प्रकृति का होता है और सर्दी में शरीर को गर्माहट प्रदान करता है। इसके अलावा सरसों का तेल या नारियल तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तेल को हल्का गुनगुना करके पूरे शरीर पर मालिश करें।
आप शरीर के इन तीन अंगों में तेल की मालिश कर सकते है जो फायदेमंद होता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों में अभ्यंग लाभदायी होता है। यह आयुर्वेदिक तरीका सरल, सुरक्षित और घर पर ही किया जा सकता है। सुबह नहाने से पहले 10-15 मिनट अभ्यंग करें, फिर गुनगुने पानी से नहाएं। इससे शरीर तेल अच्छी तरह सोख लेता है। इसके अलावा अभ्यंग का अगर आप नियमित रूप से अभ्यास करते है तो त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है। जोड़ों को लचीला बनाता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।
आईएएनएस के अनुसार






