- Hindi News »
- Special Coverage »
- Investigation Against Karnataka Congress Chief Minister Siddaramaiah
सिद्धारमैया के खिलाफ जांच, हाईकोर्ट ने राज्यपाल की मंजूरी को सही ठहराया
कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को उस समय करारा झटका लगा जब उनके खिलाफ भूमि आवंटन मामले में राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा दी गई जांच की मंजूरी को कर्नाटक हाईकोर्ट ने सही ठहराया। शिकायतों के अनुसार मुख्यमंत्री ने मनमाने तौर पर अपनी पत्नी पार्वती को मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी (एमयूडीए) के पॉश एरिया में 14 भूखंड आवंटित किए थे।
- Written By: मृणाल पाठक

सिद्धारमैया (डिजाइन फोटो)
कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को उस समय करारा झटका लगा जब उनके खिलाफ भूमि आवंटन मामले में राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा दी गई जांच की मंजूरी को कर्नाटक हाईकोर्ट ने सही ठहराया। शिकायतों के अनुसार मुख्यमंत्री ने मनमाने तौर पर अपनी पत्नी पार्वती को मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथारिटी (एमयूडीए) के पॉश एरिया में 14 भूखंड आवंटित किए थे। इन भूखंडों की कीमत अधिगृहीत की गई जमीन के दाम की तुलना में काफी अधिक थी।
कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने सिद्धारमैया की चुनौती वाली याचिका ठुकरा दी और कहा कि तथ्यों की निस्संदेह जांच की आवश्यकता है क्योंकि भूमि आवंटन का लाभार्थी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि याचिकाकर्ता (मुख्यमंत्री) का ही परिवार है। उल्लेखनीय है कि गत 16 अगस्त को राज्यपाल ने पुलिस को अनुमति दी थी कि वह एमयूडीए घोटाले में मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच करे।
इस संबंध में 3 भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ताओं-टीजे अब्राहम, स्नेहमयी कृष्णा और प्रदीप कुमार ने शिकायत दर्ज की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि कोई व्यक्ति निजी तौर पर भ्रष्टाचार विरोधी कानून के तहत किसी लोकसेवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का अधिकार रखता है। सिद्धारमैया ने राज्यपाल के आदेश को 3 मुद्दों के आधार पर चुनौती दी थी।
सम्बंधित ख़बरें
कर्नाटक उपचुनाव: दावणगेरे और बागलकोट में जारी कांटे की टक्कर, क्या जनता चुनेगी विरासत या नया चेहरा?
1,100 ईमेल और हड़कंप! दिल्ली हाई कोर्ट और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला मैसूर से गिरफ्तार
मां-बहन और भांजे का काटा गला, खुद भी की जान देने की कोशिश, बेंगलुरु में रूह कंपा देने वाली वारदात
गुजरात UCC बनाम कर्नाटक Eva Nammavva: शादी और लिव-इन रिश्तों पर क्या कहते हैं दो राज्यों के कानून
यह भी पढ़ें- चंद्रबाबू नायडू का आरोप, तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावट
पहला तर्क था कि क्या किसी व्यक्ति द्वारा निजी तौर पर की गई शिकायत पर जांच की अनुमति दी जा सकती है? भ्रष्टाचार विरोधी कानून (पीसीए) की धारा 17ए स्पष्ट रूप से कहती है कि पुलिस चाहे तो जांच की अनुमति मांग सकती है। दूसरी बात यह कि जब भूमि अधिग्रहण हुआ था तब सिद्धारमैया विपक्षी पार्टी के विधायक थे।
तीसरी दलील यह थी कि राज्यपाल ने मंत्रिमंडल की सलाह का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह घोटाला मैसूर की 3।16 एकड़ जमीन को लेकर है। सिद्धारमैया के सत्तापक्ष में रहते समय 2004 में उनके साले ने भूमि हासिल की और कृषि की जमीन को आवासीय बनाने की अनुमति ली।
पार्वती के आवेदन के बाद 2015 में मुआवजे का नियम बदला गया और उसकी रकम बढ़ा दी गई। पार्वती को नियमानुसार 4800 वर्ग फुट की जमीन दी जानी थी लेकिन इसकी बजाय 38,284 वर्ग फुट जमीन दी गई जिसकी कीमत 55।8 करोड़ थी। सिद्धारमैया और पार्वती का बेटा यतीन्द्र उस समय एमयूडीए का सदस्य था तब 2017 में मैसूर शहर में 14 स्थानों का मुआवजा पार्वती के लिए तय किया गया।
अदालत ने कहा कि यदि कहीं पक्षपात की संभावना नजर आती है तो अपवादात्मक परिस्थितियों में राज्यपाल स्वतंत्र रूप से जांच का आदेश दे सकते हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस संबंध में मध्यप्रदेश पुलिस प्रतिष्ठान विरुद्ध मध्यप्रदेश सरकार वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले की मिसाल का भी उल्लेख किया।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा
Investigation against karnataka congress chief minister siddaramaiah
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Lakshmi Puja Mistakes: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी!
Apr 09, 2026 | 10:35 PMहाथ से छिटका बैट, फिर भी गेंद गई बाउंड्री के पार, अजिंक्य रहाणे के इस अजब-गजब शॉट देख दंग रह गए फैंस- VIDEO
Apr 09, 2026 | 10:28 PMनहीं रहे भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर CD Gopinath, 96 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
Apr 09, 2026 | 10:04 PMईरान का ‘समुद्री चक्रव्यूह’! क्या वाकई समंदर में बिछी हैं बारूदी सुरंगें? तेहरान के दावे से टेंशन में दुनिया
Apr 09, 2026 | 10:02 PMमाउंट आबू: राजस्थान का हरा-भरा स्वर्ग, जहां दिखता है प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम
Apr 09, 2026 | 09:58 PMथिएटर में गर्दा उड़ाने के बाद OTT पर भी धमाका करेगी ‘Dhurandhar 2’, जानिए कब और कहां होगी रिलीज
Apr 09, 2026 | 09:55 PMबेंगलुरु की सड़क पर जोंबी जैसा खड़ा दिखा युवक! क्या भारत में आ गया अमेरिका वाला खतरनाक ड्रग? वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:53 PMवीडियो गैलरी

इटावा रेलवे स्टेशन पर शर्मनाक! भगवाधारी बुजुर्ग को चोटी पकड़कर घसीटा, बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:32 PM
ममता बनर्जी को हराने के लिए 1000 करोड़ की साजिश! बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा वीडियो लीक, ED जांच की मांग
Apr 09, 2026 | 09:26 PM
ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM
उधार के शब्द और सरेआम फजीहत! शहबाज शरीफ के पोस्ट में निकली ऐसी गलती, पूरी दुनिया में उड़ रहा है मजाक
Apr 08, 2026 | 10:27 PM














