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नासिक चुनाव में कॉर्पोरेट एंट्री; कार्यकर्ता पीछे, इवेंट कंपनियां आगे! नासिक चुनाव का नया मॉडल
Corporate Political Strategy: नासिक मनपा चुनाव 2026 में राजनीति का चेहरा बदल गया है। अब नारों की जगह कॉर्पोरेट रणनीति है और 70 से ज्यादा इवेंट कंपनियां उम्मीदवारों के लिए ‘जीत पैकेज’ तैयार कर रही हैं।
- Written By: अंकिता पटेल

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
Election Campaign Management: नासिक महानगरपालिका चुनाव 2026 ने राजनीति के पारंपरिक स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। शहर की गलियों में अब केवल नारे नहीं गूंज रहे, बल्कि उनके पीछे एक सोची-समझी ‘कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी’ काम कर रही है। वह दौर अब इतिहास बन चुका है जब निष्ठावान कार्यकर्ता घर-घर जाकर चुनावी पर्चे बांटते थे।
आज नासिक के चुनावी रण में करीब 70 से ज्यादा प्रोफेशनल इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां उतर चुकी हैं, जो उम्मीदवारों को 5 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक के ‘जीत वाले पैकेज’ बेच रही हैं। इवेंट कंपनियांः चुनाव की नई ‘किचन कैबिनेट’ मतदान में अब केवल आठ दिन बचे हैं, ऐसे में उम्मीदवारों के लिए समय सबसे बड़ी चुनौती है। इवेंट कंपनियां अब उम्मीदवारों के लिए ‘सारथी’ की भूमिका निभा रही हैं। ये कंपनियां केवल टेंट या साउंड नहीं लगातीं, बल्कि उम्मीदवार का पूरा ‘पर्सोना’ (छवि) डिजाइन करती हैं।
सोशल मीडिया बना प्रचार का ‘इमोशनल’ वार
सामान्य रिक्शा के बजाय अब बड़ी एलईडी स्क्रीन्स वाले ट्रक शहर में घूम रहे हैं, जिन पर उम्मीदवार के भाषण और विकास कार्यों की शॉर्ट फिल्में 24 घंटे चलती रहती है। पदयात्राओं और छोटी सभाओं के लिए ड्रोन कैमरों और गिम्बल-माउंटेड कैमरों का इस्तेमाल हो रहा है।
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रैली खत्म होने से पहले ही उसका ‘सिनेमैटिक टीजर’ सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है। कंपनियों अब डेटा का इस्तेमाल कर यह पता लगा रही है कि किस इलाके में कौन
सा मुद्दा ज्यादा प्रभावी होगा।
उसी के आधार पर घर-घर जाकर प्रचार की पटकथा लिखी जा रही है। आज की राजनीति फेसबुक और इंस्टाग्राम के रील्स’ पर टिकी है। इवेंट कंपनियों ने ऐसे एक्सपर्ट्स तैनात किए हैं जो उम्मीदवार के पुराने भाषणों से भावुक हिस्सा निकालकर उसे बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ वायरल करते हैं। लाइव ब्रॉडकास्टिंग के जरिए विदेशों में बैठे नासिक के प्रवासियों तक को इस चुनावी माहौल से जोड़ दिया गया है।
एआई और डेटा एनालिटिक्स का जादू
इस बार के चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। इवेंट कंपनियां एआई टूल्स के जरिए मतदाताओं के व्यवहार का विश्लेषण कर रही है। किस आयु वर्ग के वोटर को कौन सा डिजिटल विज्ञापन दिखाना है, इसका फैसला अब एल्गोरिदम ले रहे है। इसके अलावा, एआई की मदद से मतदाताओं को उनके नाम से व्यक्तिगत वॉइस मैसेज भी भेजे जा रहे है, जिससे उन्हें लगता है कि उम्मीदवार उनसे सीधा संवाद कर रहा है।
यह भी पढ़ें:-चुनावी माहौल में बड़ा फैसला, नासिक रिडेवलपमेंट को मिली राहत; मंच से सीधा फोन: उदय सामंत
पैक’ में क्या-क्या मिलता है?
इवेंट कंपनियों के 50 लाख वाले ‘प्रीमियम पैकेज’ में ये सेवाएं शामिल है: वॉर रूम सेटअपः 24 घंटे काम करने वाला एक हाई-टेक कंट्रोल सेंटर। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंगः स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए उम्मीदवार का समर्थन। क्राइसिस मैनेजमेंटः विरोधी पक्ष द्वारा किए गए किसी भी हमले या नकारात्मक प्रचार का तुरंत डिजिटल जवाब देना, क्राउड मैनेजमेंट रैलियों में भीड़ जुटाने से लेकर उनके खाने-पीने और उत्साह बनाए रखने की जिम्मेदारी।
Nashik municipal election 2026 corporate strategy event management politics
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