निशानेबाज: देसी कुत्तों के आए अच्छे दिन, सुरक्षा बलों में हुए शामिल

Dogs in BSF: पीएम मोदी ने बीएसएफ व सीआरपीएफ जैसे अर्धसैनिक बलों की इस बात के लिए प्रशंसा की है कि उन्होंने उनका सुझाव मानकर रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड और कोंबई देसी प्रजाति के कुत्तों को शामिल किया है।
आज का निशानेबाज, सुरक्षा बलों में हुए शामिल
सुरक्षा बलों में हुए शामिल (सौ. डिजाइन फोटो)
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नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएसएफ व सीआरपीएफ जैसे अर्धसैनिक बलों की इस बात के लिए प्रशंसा की है कि उन्होंने उनका सुझाव मानकर रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड और कोंबई, मांग्रेल, पांडिकोना जैसी देसी प्रजाति के कुत्तों को फोर्स में शामिल कर लिया है। इन श्वानों को बेंगलुरू के डॉग स्कूल में प्रशिक्षित किया जा रहा है। गत वर्ष लखनऊ में अ.भा. पुलिस ड्यूटी सम्मेलन के दौरान बेस्ट डॉग का खिताब पानेवाले दिया नामक मुधोल हाउंड का प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया। अब आप बताइए कि देसी कुत्तों के बारे में आपकी क्या राय है।’

हमने कहा, ‘देसी हो या विदेशी, डॉग इज बेस्ट फ्रेंड आफ ए मैन। भगवान दत्तात्रेय के चित्र में उनके साथ एक गाय और 4 कुत्ते दिखाई देंगे। भैरव का वाहन कुत्ता है। सम्राट युधिष्ठिर जब स्वर्गारोहण के लिए चले तो उस कठिन मार्ग में उनके चारों भाई और द्रौपदी का देहांत हो गया लेकिन युधिष्ठिर के साथ उनका पालतू कुत्ता चलता रहा। स्वर्ग के द्वार पर पहरेदारों ने कहा कि आप भीतर आइए लेकिन कुत्ता यहां नहीं ला सकते। युधिष्ठिर ने जिद पकड़ी कि अपने वफादार कुत्ते के बगैर मैं स्वर्गलोक आना पसंद नहीं करूंगा। फिर कुत्ता धर्म के रूप में प्रकट हो गया और उसके साथ युधिष्ठिर स्वर्ग में प्रवेश कर गए।’ पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, आपको पौराणिक बातें बताने का बड़ा शौक है। हमें वैज्ञानिक तरीके से कुत्ते की विशेषता बताइए।’

हमने कहा, ‘कुत्ते की सुनने और सूंघने की शक्ति इंसान से 36 गुना ज्यादा होती है। वह हल्की सी आहट भी सुनकर चौकन्ना हो जाता है। किसी फरार अपराधी या आतंकवादी का कपड़ा, जूता या कोई वस्तु सुंघा दो तो उसकी गंध से प्रशिक्षित कुत्ता अपराधी को पकड़ लेगा। पुलिस और फौज में कुत्ते पाले जाते हैं जो आमतौर पर लेब्राडोर या डोबरमैन जैसी विदेशी प्रजाति के होते हैं। इन कुत्तों को विशेष डॉगफूड, कॅल्शियम, प्रोटीन देना पड़ता है। हमारे गर्म देश में इनके स्वास्थ्य की काफी देखभाल करनी पड़ती है। उन्हें वेटरनरी डाक्टर के पास ले जाना पड़ता है।

इसके विपरीत देसी नस्ल के कुत्ते हर मौसम को बर्दाश्त कर लेते हैं। उनकी क्षमता व कुशलता विदेशी कुत्तों से जरा भी कम नहीं होती। इसलिए पीएम मोदी ने कुत्तों के मामले में भी वोकल फॉर लोकल का संदेश दिया है। कुत्ते का महत्व इस बात से समझिए कि रोमन स्क्रिप्ट के अक्षर जीओडी (गॉड) को उल्टा लिख दिया जाए तो वह डीओजी माने डॉग बन जाता है।’

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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