निशानेबाज: 27 रुपये रोज पर जी रहा किसान क्या उस पर है किसी का ध्यान

Indian Farmers Struggle: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार किसान की दैनिक आय मात्र 27 रुपये है। बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 7% बढ़ोतरी महंगाई में खत्म हो जाएगी। हकीकत व नारों के बीच बड़ा फर्क है।
Sharpshooter: Does anyone pay attention to the farmer who is living on 27 rupees a day?
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Low Farm Income India: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हमारे देश का अन्नदाता और वखदाता किसान गरीबी और कर्ज के दलदल में बुरी तरह फंसा हुआ है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के मुताबिक विशुद्ध कृषि आय को देखा जाए तो भारतीय किसान केवल 27 रुपये रोज पर गुजारा कर रहा है।'

हमने कहा, 'यह मत भूलिए कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के लिए 6,000 रुपये साल की मदद दे रखी है। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने देशवासियों को 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था। इससे प्रभावित होकर मनोज कुमार ने खेती-किसानी पर 'उपकार' नामक फिल्म बनाई थी, जिसका गीत था- मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती! शास्त्री के नारे में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने पुछल्ला लगाकर उसे जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान बना दिया था। पुरानी फिल्में देखिए जिनमें किसान हल चलाते हैं, नाचते-गाते हैं और तुरंत उनके खेत में फसल लहलहाने लगती है। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने किसानों-मजदूरों पर बहुत सी कहानियां लिखी हैं। इस तरह किसानों को पर्याप्त महत्त्व दिया गया है।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, वास्तविकता यह है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी किसानों पर ध्यान नहीं दिया। बजट में कृषि क्षेत्र के लिए सिर्फ 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जो रुपये की गिरावट और महंगाई की मार में ही खप जाएगी। किसानों की आय घटने के कारणों को सुधारने की बजट में कोशिश नहीं की गई। किसान कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में ही मरता है। महाराष्ट्र और खासकर विदर्भमें हजारों किसानों ने कर्ज के बोझ और अपमानजनक तकाजे से तंग आकर आत्महत्या की है। जब वे कठोर परिश्रम से अच्छी पैदावार करते हैं तो फसलों का उचित दाम नहीं मिलता। टमाटर और प्याज सड़क पर फेंकने की नौबत आ जाती है। आपको याद होगा कि दिल्ली में किसान आंदोलन कितनी बेदर्दी से कुचला गया था।'

हमने कहा, 'यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारत का कृषि क्षेत्र अमेरिका के लिए खोल दिया गया तो अपने किसान और बर्बाद हो जाएंगे, ट्रंप अपना सस्ता कॉर्न (मक्का) और डेयरी प्रॉडक्ट भारत में खपाएंगे। अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी दी जाती है ताकि वह खेती करना छोड़कर नौकरी करने शहरों में न आ जाएं। इसके विपरीत हमारा किसान भगवान भरोसे है।"

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा