-
गुरु, 6 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Special Coverage »
- India Education System
भारत की शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह, काला अक्षर भैंस बराबर
- Written By: चंद्रमोहन द्विवेदी

अक्सर क्लास में जब भोलू को सवाल का जवाब नहीं आता तो मास्टर जी कहते हैं.. तेरे लिए तो ‘काला अक्षर भैंस बराबर है’। उस समय मास्टर की यह डपट समझ नहीं आती, पर अब उसकी आंखें खुल गई, क्योंकि उसके बच्चों को अंग्रेजी की एबीसीडी भी नहीं आती। हालांकि बच्चे मोबाइल गेम पर दिन भर उंगलियां दौड़ाते हैं, दोस्तों से चैट करते नहीं थकते। कुछ भी पूछो तो गूगल है ना पापा, तपाक से जवाब देते हैं। पर सवाल यह है कि क्या ये दुनियादारी वाला ज्ञान उनके जीवन को सार्थक, समृद्ध और सुरक्षित बना पाएगा? तो निश्चित ही जवाब ना ही होगा। जाहिर है कि जो बच्चे हिंदी-अंग्रेजी में अपना नाम न लिख सकें (India education system), वे जीवन में सक्षम कैसे बन सकेंगे? यह हालात सिर्फ भोलू के नहीं, बल्कि उसके जैसे देश के 42 फीसद बच्चों के हैं, जिसका खुलासा वार्षिक शिक्षा स्थिति की ताजा रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट बताती है कि 28 राज्य यानी लगभग पूरे देश में कक्षा-2 के 25 प्रतिशत बच्चे तो अपनी स्थानीय भाषा में पाठ भी नहीं पढ़ पाते हैं। यह हालात उस भारत देश के हैं जिसने पूरी दुनिया को ज्ञान की राह दिखाई, जहां प्राचीनकाल से गुरुकुल की समृद्ध परंपरा रही। जिस देश में तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे समृद्ध विश्वविद्यालय हुए, जिनमें दुनिया भर के बच्चे विश्वविख्यात अध्यापकों से थे। गुरुकुल परंपरा से लेकर बंगाल, समेत दक्षिण भारत के शिक्षा व्यवस्था की लचर हालत के चलते ही आज बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश ऐसे बड़े राज्य हैं जिनमें 10वीं कक्षा से पहले ही सबसे ज्यादा बच्चे पढ़ाई छोड़ देते है।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: क्या है FCRA? इंदिरा ने बनाया…मनमोहन ने आगे बढ़ाया, अब मोदी करना चाहते हैं बदलाव, छिड़ी जंग
विदेशों में छिपे भगोड़ों पर शिकंजा, 5 साल में 274 अपराधी भारत लाए गए, 17 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त
1-2 साल भी दूतावास में रखना पड़े तो रखेंगे…जब सुषमा स्वराज के एक आदेश से कांप उठा था पाकिस्तान
ITAT Vacancy 2026: सीनियर प्राइवेट सेक्रेटरी और प्राइवेट सेक्रेटरी के 42 पदों पर भर्ती, 16 अगस्त तक करें आवेदन
इससे यह भी पता चलता है कि देश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था किस हाल में चल रही है, ग्रामीण इलाकों में लड़कियां पढ़ाई सिर्फ इसलिए छोड़ देती हैं क्योंकि स्कूल में शौचालय नहीं होता। ऐसी स्थिति में देश की समूची शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठता है और उसके संपूर्ण सुधार की दिशा में आमूलचूल परिवर्तन बेहद आवश्यक बनता नजर आता है। कई शहरों से विरासत में मिली। जिस देश में 19वीं शताब्दी के
पढ़ने आते वाराणसी नासिक प्रारंभ में प्राचीन गुरुकुलों की परंपरा पर आधारित अनेक नवोदय और केंद्रीय विद्यालय जैसे सैकड़ों स्कूल स्थापित किए गए, ऐसी आदर्श शिक्षा व्यवस्था देने वाले भारत में शिक्षा की यह हालत कई सवाल खड़े करती है। एक तरफ केंद्र सरकार और राज्य सरकारें स्कूली शिक्षा का दायरा बढ़ाने और जागरूकता पैदा करने के लिए समग्र शिक्षा कार्यक्रम चला रही हैं, एकीकृत स्कूल व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही हैं जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूली शिक्षा मुहैया करवाना है, वहीं, शिक्षा मंत्रालय के परियोजना मंजूरी बोर्ड की रिपोर्ट बता रही है कि इस अभियान में वैसी कामयाबी मिल नहीं रही, जैसी मिलनी चाहिए, इसकी वजह बच्चों की संख्या के अनुरूप स्कूल और शिक्षक नहीं होना है। हालांकि शिक्षकों की कमी की स्थिति तब है जबकि बिहार जैसे राज्य दो माह में 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में 10 वर्ष से लगातार शिक्षक भर्ती अभियान चल रहा है।
जाहिर ऐसे में सिर्फ शिक्षकों की कमी ही बच्चों की निरक्षरता का कारण नहीं हो सकती। तब उन अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है, जो एक आदर्श शिक्षा प्रणाली के लिए जरूरी होती हैं। जिनमें देश का शैक्षणिक माहौल, स्कूलों में बुनियादी व्यवस्था, शिक्षकों को गैरशैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, आदर्श शिक्षा नीति और शिक्षा के बजट को प्राथमिकता जैसी जरूरतें शामिल हैं। इन पर जब हम दुनिया के अन्य देशों से तुलना करते हैं तो तमाम विकसित और विकासशील देशों की शिक्षा व्यवस्था भारत से कहीं ज्यादा समृद्ध और विकसित दिखाई देती है।
India education system
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
महिला निर्माण श्रमिकों के लिए खुशखबरी! फिर शुरू हुई प्रसूति सहायता योजना; अब प्रसव पर मिलेंगे सीधे ₹25,000
Aug 06, 2026 | 02:52 PM11 LPA की नौकरी छोड़ शुरू किया वाटर प्योरिफिकेशन बिजनेस, अब सालाना 28.5 लाख की कमाई का दावा; पोस्ट हुआ वायरल
Aug 06, 2026 | 02:50 PMअमित शाह की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम पर रोक से बवाल, संसद में हंगामा
Aug 06, 2026 | 02:48 PMमिनी माथुर के नाम हुई द अलायंस की ट्रॉफी, फिनाले में अली गोनी और रूही दोसानी को दी मात
Aug 06, 2026 | 02:44 PMवर्धा में इंस्टाग्राम चैट से शुरू हुआ विवाद फिर अपहरण कर किया चाकू से हमला, चलती कार से फेंका, 8 पर FIR
Aug 06, 2026 | 02:38 PMमीरा-भाईंदर मेट्रो-9 के दूसरे चरण का 90% काम पूरा, भाईंदर पश्चिम तक सफल ट्रायल से यात्रियों को राहत
Aug 06, 2026 | 02:36 PMनागपुर HC से CSIR को झटका: पुनर्विचार याचिका खारिज, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मिलेगा समान काम का समान लाभ!
Aug 06, 2026 | 02:34 PMवीडियो गैलरी

पिछड़ों को कभी नहीं मिला हक…राज्यसभा में संजय सिंह का यह धमाकेदार भाषण सुन उड़ जाएंगे होश! देखें VIDEO
Aug 05, 2026 | 10:01 PM
मेरी 10 साल की बेटी को भी नहीं छोड़ा…BJP विधायक विनोद सिंह पर महिला ने लगाया रेप के प्रयास का आरोप- VIDEO
Aug 05, 2026 | 09:57 PM
मुहर्रम में कार्रवाई तो कांवड़ यात्रा में छूट क्यों? वर्दी की निष्पक्षता पर उठे सवाल, देखें VIDEO
Aug 05, 2026 | 09:01 PM
CJP की मीटिंग से मची सियासी खलबली! पहली ही बैठक में तय हुआ अभिजीत दिपके का बड़ा प्लान, देखें VIDEO
Aug 05, 2026 | 07:53 PM
हिला देने वाला खुलासा! भाई वीरेंद्र ने झारखंड विरोध प्रदर्शन और पार्टी के भीतर खोल दिए सारे राज, देखें VIDEO
Aug 05, 2026 | 07:16 PM
थलपति विजय सरकार का पहला बजट पेश, छात्रों और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
Aug 05, 2026 | 02:22 PM














