मुंबई से कई शहरों को मिनटों में जोड़ेगा यह कॉरिडोर, ऐरोली-काटई प्रोजेक्ट से घटेगी एमएमआर की दूरी

ऐरोली-काटई नाका कॉरिडोर मुंबई, ठाणे और कल्याण के बीच कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। 12.71 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट के पहले दो फेज इसी साल शुरू होंगे, जिससे यात्रा समय में 45 मिनट की बचत होगी।
This corridor will connect several cities to Mumbai in minutes; the Airoli-Katai project will reduce distances within the MMR.
ऐरोली-काटई प्रोजेक्ट (सोर्स: फाईल फोटो)
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Airoli Katai Naka Corridor: मुंबई से सटे एमएमआर के शहर नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण डोम्बिवली के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। 'मुंबई इन मिनट्स’ की परिकल्पना को गति देने वाला ऐरोली-काटई नाका कॉरिडोर मुंबई को नवी मुंबई के साथ ठाणे एवं आगे मुंब्रा,दिवा डोम्बिवली, कल्याण के लिए रोड आवागमन को आसान बनाएगा।

फेज टू पूरा, वन अंतिम चरण में

एमएमआरडीए का यह बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट पूर्णता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। फेज II पूर्ण हो गया है जबकि फेज I अंतिम चरण में है।एमएमआरडीए ने ऐरोली–काटई नाका कॉरिडोर परियोजना में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं। एमएमआर के हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में परिकल्पित इस परियोजना के माध्यम से ऐरोली, मुंब्रा और काटई नाका के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। जिससे यात्रा दूरी घटेगी। मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, डोंबिवली और बदलापुर के बीच तेज़ आवागमन होगा।

घटेगी 7-8 किमी की दूरी

इस प्रोजेक्ट से मुलुंड से काटई नाका के बीच लगभग 7–8 किमी दूरी में कम हो जाएगी। प्रोजेक्ट का काम तीन चरणों में हो रहा है। चरण I, II और III की कुल लंबाई लगभग 12.71 किमी है। इनमें दोहरी सुरंग के साथ 3+3 लेन कैरेजवे बनाए गए हैं।सुरंग में वेंटिलेशन प्रणाली,अग्निशमन प्रणाली,उच्च-दाब वॉटर मिस्ट, प्रकाश व्यवस्था एवं वेरिएबल मैसेज साइनेंज (VMS) जैसी व्यवस्था है। सुरंग और एलिवेटेड रोड (ठाणे–बेलापुर रोड से एनएच-4) पर है। जो ऐरोली और राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग-04 को मुंब्रा में सीधे जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 3.43 किमी है। इसमें ही 1.69 किमी की दोहरी सुरंग बनी है। इस प्रत्येक ट्यूब टनेल की चौड़ाई 17.50 मीटर है। इसका सिविल वर्क 92% पूर्ण हो चुका है। सेकंड फेज में ऐरोली से ठाणे–बेलापुर रोड एलिवेटेड मार्ग 2.57 किमी लंबा है।

मुख्य वायाडक्ट 3+3 लेन,

अप और डाउन रैम्प्स ऐरोली–मुलुंड रोड पर 3-लेन अप और डाउन रैम्प्स इस तरह इसका काम पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने पर मुलुंड–ऐरोली ब्रिज और मुंब्रा के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा। तीसरे चरण में एनएच-04 से काटई नाका (कल्याण–शिल रोड कॉरिडोर) बन रहा है। यह लगभग 6.71 किमी का उन्नत मार्ग है। मुख्य वायाडक्ट 3+3 लेन के अलावा दोनों ओर 2+2 लेन का सर्विस रोड होगा। इसका पूरा काम 2028 तक होगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद यात्रा समय में 30-45 मिनट की बचत होगी। इसके साथ ऐरोली के आंतरिक मार्ग, ठाणे–बेलापुर रोड,महापे रोड,शिलफाटा जंक्शन, कल्याण फाटा (NH-04) और कल्याण–शिल रोड पर यातायात जाम से मुक्ति मिलेगी।

इसी साल होंगे शुरू - मुख्यमंत्री

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा,कि यह कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के भविष्य के लिए एक रणनीतिक निवेश है। दोनों फेज ,चरण 1 और चरण 2 अपने अंतिम चरण में है और इसे इसी वर्ष खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई 3.0 के हमारे दृष्टिकोण की दिशा में आगे बढ़ते हुए, ऐसे प्रोजेक्ट्स मुख्य शहर पर दबाव कम करेंगे और नए शहरी कॉरिडोर विकसित करेंगे।

कनेक्टिविटी बुस्टर - डीसीएम

डिप्टी सीएम एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा,कि “यह हाई-स्पीड ऐरोली–कटाई नाका कॉरिडोर ठाणे और नवी मुंबई के लिए एक बड़ा कनेक्टिविटी बूस्टर साबित होगा। विशेष रूप से सुरंग लिंक के कारण दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा और भी तेज़ एवं निर्बाध होगी। इस परियोजना से यात्रा समय में 35 से 40 मिनट की कमी आएगी।

‘मुंबई इन मिनट्स’ का अनुभव - डॉ मुखर्जी

एमएमआरडीए कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि चाहे मेट्रो परियोजनाएं हों या सड़क,हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। पूरी परियोजना के पूर्ण होने की प्रतीक्षा करने के बजाय उसे चरणबद्ध तरीके से नागरिकों के लिए खोलना। ऐरोली-कटाई नाका कॉरिडोर मुंबई महानगर क्षेत्र में लोगों की यात्रा के तरीके को बदल देगा। पूरे कॉरिडोर के शुरू होने के बाद नागरिक वास्तव में ‘मुंबई इन मिनट्स’ का अनुभव कर सकेंगे।

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