कल तक लालू पर वार, आज अपनों पर मेहरबान; सम्राट कैबिनेट में परिवारवाद की झलक! सियासी घरानों से 10 मंत्री

Bihar Cabinet: सम्राट कैबिनेट में एक दर्जन के करीब ऐसे मंत्री बने हैं, जिनका संबंध राजनीतिक घराने से जुड़ा हुआ है। निशांत कुमार समेत तीन ऐसे मंत्री हैं, जिनके पिता राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
bihar cabinet oath ceremony
बिहार कैबिनेट विस्तार के दौरान एनडीए नेता, (सोर्स-X)
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Nepotism in the Bihar Cabinet: बिहार में सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली कैबिनेट का गुरुवार को विस्तार हो गया है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। जिसमें बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, लोजपा-आर से 2 नेताओं को नई कैबिनेट में जगह मिली। वहीं, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) से एक-एक मंत्री बनाए गए। इस तरह से मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री मिलाकर अब कैबिनेट में कुल 35 सदस्य हो गए हैं।

एनडीए ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बिहार के जातीय और सामाजिक समीकरण को साधने की पूरी कोशिश की है। सम्राट चौधरी की कैबिनेट में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी शामिल हुए। निशांत ने मंत्री के रूप में शपथ ली है।

सम्राट कैबिनेट में सियासी घरानों का दबदबा

सम्राट कैबिनेट में लगभग एक दर्जन के करीब ऐसे मंत्री बने हैं, जिनका संबंध किसी न किसी राजनीतिक घराने से जुड़ा हुआ है। निशांत कुमार समेत सम्राट कैबिनेट में तीन ऐसे मंत्री हैं, जिनके पिता राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यही वजह है कि बिहार में बनी सम्राट सरकार को लेकर लोग सवाल पूछने लगे हैं कि कभी लालू यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाले सम्राट चौधरी और एनडीए आज खुद परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है। कभी तेजस्वी और तेजप्रताप को लेकर लालू-राबड़ी पर हमला बोलने वाले सम्राट चौधरी खुद कटघरे में खड़े नजर आ रहे हैं।

(1 मार्च, 2024 को लालू के परिवारवाद पर सम्राट चौधरी का बयान)

तीन पूर्व सीएम के बेटे कैबिनेट में शामिल

बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट का विस्तार हुआ, तो एक साफ हो गई है कि बिहार की सत्ता की चाबी उन्हीं हाथों में सुरक्षित है जिनके संबंध राजनीतिक घरानों से है। सम्राट कैबिनेट का चेहरा इस बात पर मुहर लगाता है कि सत्ता के गलियारों में परिवारवाद का वर्चस्व आज भी कायम है।

निशांत कुमार ने ली मंत्री पद की शपथ

दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। निशांत एकलौते नेता नहीं है, जिनते पिता सूबे के सीएम रहे हैं। इस फेहरिश्त में नीतीश मिश्रा का भी नाम है, जिनके पिता जगननाथ मिश्रा है, जो बिहार के सीएम रहे हैं। बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा हैं।

संतोष कुमार सुमन को भी मिली जगह

बिहार कैबिनेट विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन की खूब चर्चा रही। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के कोटे से उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। जीतन राम मांझी ने अपनी राजनीति की विरासत बेटे को सौंपी और संतोष सुमन अब सरकार में अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण और लघु जल संसाधन जैसे अहम विभागों के जरिए अपने पिता के जनाधार को सहेज रहे हैं।

(सम्राट कैबिनेट में शामिल 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे)

अशोक चौधरी का राजनीतिक विरासत

बिहार कैबिनेट विस्तार में उन चेहरों की भी चमक दिखी जिनके पिता दशकों तक बिहार सरकार में 'किंगमेकर' की भूमिका में रहे। अशोक चौधरी इसका सबसे सटीक उदाहरण हैं। उनके पिता महावीर चौधरी बिहार कांग्रेस के बड़े नेता और कई बार मंत्री रहे थे। अशोक चौधरी ने न केवल अपने पिता की विरासत संभाली, बल्कि वे नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार बनकर उभरे।

सम्राट के डिप्टी विजय कुमार चौधरी

जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी का जिक्र किए बिना यह सूची अधूरी है। उनके पिता जगदीश प्रसाद चौधरी पुराने समाजवादी नेता और विधायक थे। विजय चौधरी बिहार सरकार में 'संकटमोचक' की भूमिका में रहते हैं, जो बताता है कि राजनीति में अनुभव और विरासत का संगम कितना प्रभावशाली होता है। विजय चौधरी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए सियासत में आए थे और उसके बाद तेजी से आगे बढ़े और सम्राट सरकार में डिप्टी सीएम बन गए।

सम्राट कैबिनेट श्रेयसी सिंह को एंट्री

बिहार में गुरुवार को हुई कैबिनेट विस्तार में बीजेपी कोटे से श्रेयसी सिंह ने मंत्री पद की शपथ लीं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पुतुल कुमारी की बेटी हैं। श्रेयसी खेल की दुनिया से सियासत तक का सफर तय किया है। जमुई सीट से दूसरी बार विधायक श्रेयसी इससे पहले नीतीश कैबिनेट में खेल और आईटी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

(भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ लेने वालीं श्रेयसी सिंह)

दीपक प्रकाश भी मंत्रिमंडल का हिस्सा

सियासी घरानों से ताल्लुक रखने वाले नेताओं में दीपक प्रकाश का नाम भी शामिल हैं। दीपक प्रकाश भी सम्राट कैबिनेट में मंत्री बने हैं। वह राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम अध्यक्ष) उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। इससे पहले उन्होंने नीतीश कुमार के सरकार में सीधे मंत्री पद के साथ राजनीतिक डेब्यू किया था। जिसके बाद वह काफी चर्चा में रहे थे।

सुनील कुमार, रमा निषाद और लेसी सिंह

सुनील कुमार एक बार फिर से मंत्री बने हैं ये पूर्व मंत्री चंद्रिका राम के पुत्र और पूर्व विधायक अनिल कुमार के भाई हैं। रमा निषाद ने एक बार फिर से मंत्री पद की शपथ ली है। ये पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की बहू और पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। जेडीयू कोटे से मंत्री पद की शपथ लेने वाली लेसी सिंह पूर्व समता पार्टी नेता भूटान सिंह की पत्नी हैं।

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