- Hindi News »
- Special Coverage »
- Have Your Own Model For Air Pollution Control
नवभारत विशेष: वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपना मॉडल हो
Air Quality improvement: वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाया गया नया मॉडल प्रदूषण कम करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके मुख्य बिंदु, फायदे और प्रभाव के बारे में जानते है।
- Written By: दीपिका पाल

वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपना मॉडल हो (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: अगर आप दिल्ली के जहरीले वायु प्रदूषण से बचने के लिए देहरादून जाने की योजना बना रहे हैं, तो दो बार सोच लीजिये। अब उत्तराखंड की राजधानी की वायु गुणवत्ता भी चिंताजनक है। देहरादून का भी एक्यूआई लगभग 300 हो गया है। अगले कुछ दिनों के दौरान घने कोहरे की वजह से स्थिति बदतर होने का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों को है। यमुना एक्सप्रेस वे पर तो कुछ दिन पहले जीरो विजिबिल्टी की वजह से 19 वाहन आपस में टकराये, भीषण आग लगी और 16 व्यक्ति इस दुर्घटना से बुरी तरह से जलकर मरे।
लाशों की शिनाख्त भी न हो सकी। लखनऊ में भारत व दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथा टी-20 मुकाबला खेला जाना था, दर्शक स्टैंड्स में थे, खिलाड़ी अंधेरे में थे और मैच को ‘धुंध’ खा गई। ‘फॉग’ (कोहरा) ‘स्मोग’ (धुंधभरी जहरीली हवा) देश के अधिकतर हिस्से में है। भारत में पीएम 2.5 (खराब या जहरीले वायु प्रदूषण) के कारण सालाना 20 लाख से अधिक समय-पूर्व मौतें होती हैं। चिंताजनक एक्यूआई की वजह से हृदय रोग, स्ट्रोक्स, सांस संबंधी बीमारियां और फेफड़ों के कैंसर में भयावह वृद्धि हो रही है। एक्यूआई जब 300-400 या उससे ऊपर हो जाता है, जैसा कि इस समय दिल्ली के लक्ष्मी नगर, आनंद विहार आदि क्षेत्रों में है, तो हर किसी को प्रभावित करने लगता है, लेकिन गरीबों पर इसका अत्यधिक कुप्रभाव पड़ता है।
भारत में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सुझाव दिया जाता है कि चीन का अनुसरण किया जाना चाहिए। चीन ने शहरी वायु प्रदूषण पर जबरदस्त नियंत्रण स्थापित किया है। एक तानाशाह सरकार वह परिवर्तन लागू कर सकती है, जो लोकतंत्र नहीं कर सकता और साथ ही भारत चीन जितना पैसा खर्च करने की स्थिति में भी नहीं है। इसलिए बीजिंग, दिल्ली के लिए मॉडल नहीं हो सकता। हमें अपने ही मॉडल तलाश करने होंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि हमारे जनप्रतिनिधियों ने सोच लिया है कि वायु प्रदूषण का कोई हल नहीं है, यह मौसमी समस्या है। हमें बहस नहीं, समाधान चाहिए ताकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, देहरादून, छोटे शहर, बड़े शहर, गांव व कस्बे जहरीली हवा से घुटकर मरने से बच जाएं। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर का अनुमान है कि अकेले दिल्ली में 2023 में वायु प्रदूषण के कारण 17,200 व्यक्तियों की जानें गई थीं।
सम्बंधित ख़बरें
‘मोदी और रेखा गुप्ता को योगी ने किया एक्सपोज’, यूपी CM के बयान पर मचा बवाल! संजय सिंह ने उठाए सवाल
दिल्ली में दम घुटता है! सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी को बताया ‘गैस चैंबर’, बोले- जब नीयत साफ….
नवभारत विशेष: कोरियाई लव गेम से ब्लू व्हेल तक, ऑनलाइन गेमिंग की लत लेने लगी बच्चों की जान
6 फरवरी का इतिहास : लता मंगेशकर से महारानी एलिजाबेथ द्वितीय तक… जानिए आज की ऐतिहासिक घटनाएं
राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण हर साल 4.9 लाख स्वस्थ लोगों को बीमार कर देता है। इसलिए ‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2025’ का यह डाटा सही प्रतीत होता है कि भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष 20 लाख से अधिक लोग अपनी मौत से पहले ही मर जाते हैं। दिल्ली से दो दशक पहले बीजिंग के सिर पर प्रदूषित राजधानी का ताज था और जहरीली हवा हर साल 20 लाख चीनियों की जान ले लेती थी। अमेरिका, इंग्लैंड, चीन व अन्य देशों ने दिखाया है कि वायु प्रदूषण का होना लाजमी नहीं है। उसे नियंत्रित किया जा सकता है। इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा की आबोहवा इतनी साफ व स्वच्छ है कि दमे का मरीज भी खुलकर सांस ले सकता है। अगर बीजिंग में नीला आसमान दिखायी दे सकता है तो दिल्ली में क्यों नहीं? लंदन ने अपनी हवा को 70 प्रतिशत स्वच्छ कर दिया है। लाखों कारें, हजारों बसों से अधिक प्रदूषण फैलाती हैं।
ये भी पढ़ें – नवभारत विशेष की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
इससे हर वर्ष 20 लाख लोग मरते हैं
किसी भी समस्या का समाधान उसकी गंभीरता को समझने के बाद ही निकाला जा सकता है, जिसके लिए ठोस व विश्वसनीय डाटा की आवश्यकता हो सकती है। दिल्ली या मुंबई में वायु प्रदूषण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पर्याप्त निगरानी स्टेशन होने चाहिए और ईमानदारी से रिपोर्टिंग की जानी जाये। पूरे भारत में धूल की वजह से वायु की गुणवत्ता सबसे अधिक प्रभावित होती है। धूल 40 प्रतिशत पीएम 10 और 30 प्रतिशत पीएम 2।5 पार्टिकल्स बनाती है। निर्माण साइट्स को ढकने व पानी दिये जाने को सख्ती से लागू किया जाये। साथ ही शहरों में व उनके आसपास हरियाली बढ़ाना भी जरूरी है।
Have your own model for air pollution control
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
‘ग्लोबल इकोनॉमिक कोऑपरेशन 2026’ सम्मेलन का उद्घाटन, मुंबई बनेगी वैश्विक पूंजी का प्रवेशद्वार: देवेंद्र फडणवीस
Feb 17, 2026 | 08:32 PMयुवराज समरा ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में ऐसा कारनामा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने
Feb 17, 2026 | 08:31 PMPMFME स्कीम के तहत पुणे जिले में 250 प्रोजेक्ट्स लागू; 46 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट
Feb 17, 2026 | 08:31 PMआमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव हुईं बीमार, शेयर किया अपना हेल्थ अपडेट, बिल्ली बनी देखभाल में मददगार
Feb 17, 2026 | 08:23 PMOMG! 11 करोड़ रुपये की एक बोतल, क्यों दुनिया का सबसे महंगा परफ्यूम बना शुमुख…आखिर क्या है इसकी खासियत?
Feb 17, 2026 | 08:21 PMमुंढवा भूमि सौदे में पार्थ पवार को क्लीन चिट, हस्ताक्षर न होना बना बचाव का आधार
Feb 17, 2026 | 08:20 PMIND vs PAK: अपने चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से फाइनल में फिर भिड़ेगा भारत, जानिए इसके पीछे का समीकरण
Feb 17, 2026 | 08:13 PMवीडियो गैलरी

धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल से टली सुनवाई, 18 फरवरी को कोर्ट में खुलेगा एएसआई सर्वे का राज
Feb 17, 2026 | 01:31 PM
इंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PM
प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM














