छठ पूजा क्यों मनाई जाती है, इस विशेष पर्व का आध्यात्मिक और धार्मिक महिमा जानिए

Chhath Puja: हर साल कार्तिक महीने में छठ पूजा मनाई जाती है। यह पर्व खासतौर पर संतान सुख और संतान के दीर्घायु और घर-परिवार में सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए रखा जाता है।
छठ पूजा क्यों मनाई जाती है, इस विशेष पर्व का आध्यात्मिक और धार्मिक महिमा जानिए
आखिर क्यों मनाई जाती है छठ पूजा (सौ.सोशल मीडिया)
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Chhath Puja Kyu Manaya Jata Hai: सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा इस बार 25 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा संतान सुख और संतान के दीर्घायु और घर-परिवार में सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए रखा जाता है।

यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड में बड़े ही उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

इस दिन भक्त छठी मईया और भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना और कठिन व्रत का पालन करते हैं। हिंदुओं के महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों में से एक माना जाने वाला छठ पूजा 4 दिनों तक चलता है।

यह साल में दो बार चैत्र और कार्तिक महीने में मनाया जाता है। तो आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

आखिर क्यों मनाई जाती है छठ पूजा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब कुष्ट रोग से पीड़ित थें। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें सूर्य उपासना की सलाह दी। कालांतर में साम्ब ने सूर्य देव की उपासना की। सूर्य देव की उपासना करने से साम्ब को कुष्ट रोग से मुक्ति मिली थी।

इसके पश्चात, साम्ब ने 12 सूर्य मंदिरों का निर्माण करवाया था। इनमें सबसे प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर है, जो ओडिशा में है। इसके अलावा, एक मंदिर बिहार के औरंगाबाद में है। इस मंदिर को देवार्क सूर्य मंदिर के नाम से जाना जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि चिरकाल में जब देवताओं और असुरों के मध्य युद्ध हुआ, तो इस युद्ध में देवताओं को हार का सामना करना पड़ा। उस समय देव माता अदिति ने इसी स्थान पर देवार्क सूर्य मंदिर पर संतान प्राप्ति हेतु छठी मैया की कठिन तपस्या की।

इस तपस्या से प्रसन्न होकर छठी मैया ने अदिति को तेजस्वी पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया था। कालांतर में छठी मैया के आशीर्वाद से आदित्य भगवान का अवतार हुआ।

आदित्य भगवान ने देवताओं का प्रतिनिधित्व कर देवताओं को असुरों पर विजय श्री दिलाई थी। कालांतर से पुत्र प्राप्ति हेतु छठ पूजा की जाती है। इस व्रत के पुण्य प्रताप से सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होती है।

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