-
रवि, 9 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Religion »
- Who Was The First Kanwadia Of The Universe
कौन था ब्रह्मांड का पहला कांवड़िया, जिसने भगवान शिव को दिलाई थी कष्ट से मुक्ति
- Written By: सीमा कुमारी
Sawan:सावन शुरू होते ही कांवड़ यात्रा भी शुरू जाती है। अगर प्राचीन ग्रंथों,की मानें तो कहा जाता है कि पहला कांवड़िया रावण था। वेद के अनुसार, कांवड़ यात्रा की परंपरा समुद्र मंथन के दौरान हुई।

कौन था ब्रह्मांड का पहला कांवड़िया (सौ.सोशल मीडिया)
Sawan Kanwar Yatra 2025 : महादेव का प्रिय महीना सावन हिन्दू धर्म में सबसे शुभ महीनों में जाना जाता है। इस महीने में, भक्त भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और सोमवार का व्रत भी रखते हैं और इसके साथ ही सड़कों पर ‘हर हर भोले’ ‘जय शिव शंकर’ के नारे गूंजने लगते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी हजारों शिवभक्त कांवड़ उठाकर निकल पड़े हैं गंगा जल लेने, ताकि वो जल शिवलिंग पर चढ़ाकर अपने आराध्य को खुश कर सकें। लेकिन क्या आप जानते हैं, कांवड़ यात्रा की शुरुआत कब हुई थी और किसने सबसे पहला कांवड़ उठाया था। आइए जानते हैं कांवड़ यात्रा से जुड़े दिलचस्प बातें-
कौन था ब्रह्मांड का पहला कांवड़िया
अगर प्राचीन ग्रंथों, इतिहास की मानें तो कहा जाता है कि पहला कांवड़िया रावण था। वेद के अनुसार, कांवड़ यात्रा की परंपरा समुद्र मंथन के दौरान हुई। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब समुद्र मंथन में विष निकला तो इससे पूरा संसार त्राहि-त्राहि करने लगा।
सम्बंधित ख़बरें
चित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर मथुरा अलर्ट; शाही ईदगाह में बढ़ाई गई सुरक्षा, आगरा से आए 4 लोग हिरासत में
Mathura: श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर संतों का संकल्प, देश-विदेश में चलाया जाएगा हस्ताक्षर अभियान
Kamika Ekadashi 2026: 9 अगस्त को बनेगा महालक्ष्मी योग, इन 3 राशियों को मिल सकता है धन लाभ
तब भगवान शिव ने संसार को विष मुक्त करने के लिए स्वयं विषपान कर लिया। जिसके कारण भगवान शिव का कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। परंतु विष के नकारात्मक प्रभावों ने शिव को घेर लिया।
शिव को विष के बुरे प्रभावों से बचाने के लिए उनके अनन्य भक्त रावण सबसे पहले आए। तत्पश्चात कांवड़ में जल भरकर रावण ने ‘पुरा महादेव’ स्थित शिवमंदिर में शिवजी का जल अभिषेक किया। इससे शिवजी विष के नकारात्मक प्रभावों से मुक्त हुए और यहीं से कांवड़ यात्रा की परंपरा का प्रारंभ हुआ।
कब हुई थी कांवड़ यात्रा की शुरुआत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वैसे अंग्रेजों ने 19 वीं सदी की शुरुआत से भारत में कांवड़ यात्रा का जिक्र अपनी किताबों और लेखों में किया। कई पुराने चित्रों में भी ये दिखाया गया है।
लेकिन, बता दें, कांवड़ यात्रा 1960 के दशक में उतनी धूमधाम से नहीं होती थी। कुछ साधु और श्रृद्धालुओं के साथ धनी मारवाड़ी सेठ नंगे पैर चलकर हरिद्वार या बिहार में सुल्तानगंज तक जाते थे और वहां से गंगाजल लेकर लौटते थे, जिससे शिव का अभिषेक किया जाता था।
आपको बता दें, 1980 के दशक के बाद कांवड़ यात्रा एक बड़े धार्मिक उत्सव के रूप में उभरी है। संचार, सड़क, बिजली और मीडिया के विस्तार ने इसे और अधिक लोकप्रिय बना दिया है।
1990 के दशक के मध्य से, विशेष रूप से हरिद्वार की कांवड़ यात्रा, भारत की सबसे बड़ी वार्षिक धार्मिक सभाओं में से एक बन गई है, जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं।
ये भी पढ़े:शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में क्या है अंतर, कितने प्रकार के होते हैं शिवलिंग
वैसे अंग्रेजों ने 19वीं सदी की शुरुआत से भारत में कांवड़ यात्रा का जिक्र अपनी किताबों और लेखों में किया। कई पुराने चित्रों में भी ये दिखाया गया है।
लेकिन कांवड़ यात्रा 1960 के दशक तक बहुत तामझाम से नहीं होती थी। कुछ साधु और श्रृद्धालुओं के साथ धनी मारवाड़ी सेठ नंगे पैर चलकर हरिद्वार या बिहार में सुल्तानगंज तक जाते थे और वहां से गंगाजल लेकर लौटते थे, जिससे शिव का अभिषेक किया जाता था।
1980 के दशक के बाद ये बड़े धार्मिक आयोजन में बदलने लगा। अब तो ये काफी बड़ा आयोजन हो चुका है।
Who was the first kanwadia of the universe
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
किराए के फ्लैट में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर; छापेमारी में पकड़ें गए 20 प्रेमी जोड़े, कई मोबाइल-सिम बरामद
Aug 09, 2026 | 11:24 PMयश की टॉक्सिक को लेकर आया बड़ा बॉक्स ऑफिस प्रिडिक्शन, पहले दिन हिंदी में इतने करोड़ कमा सकती है फिल्म
Aug 09, 2026 | 11:12 PMचित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
Aug 09, 2026 | 11:08 PMमहिलाओं के लिए आरक्षित टॉयलेट में घुस रहे पुरुष! APMC मार्केट में बेसिक सुविधाओं की खुली पोल
Aug 09, 2026 | 11:07 PMदीपोत्सव से पहले अयोध्या को मिलेगी दशरथ पथ की सौगात, त्रेतायुग की स्मृतियों से जुड़ेगा रामनगरी का नया मार्ग
Aug 09, 2026 | 11:01 PMश्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर मथुरा अलर्ट; शाही ईदगाह में बढ़ाई गई सुरक्षा, आगरा से आए 4 लोग हिरासत में
Aug 09, 2026 | 10:56 PMNoida Waterlogging: बारिश में डूबा सेक्टर-18, महिला बोली- कार नहीं नाव लेकर आना चाहिए था
Aug 09, 2026 | 10:56 PMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला! गाड़ी घेरी, कीचड़ और जूते फेंके; कांचरापाड़ा में भारी बवाल का Video आया सामने
Aug 09, 2026 | 10:51 PM
पैसे लेकर बहाली का आरोप, पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, बोले- छात्रों के साथ खुद बैठूंगा अनशन पर, देखें VIDEO
Aug 09, 2026 | 05:28 PM
नशेड़ी सिपाही की दबंगई कैमरे में कैद! दुकान में घुसकर मांगे ₹5000, VIDEO वायरल होते ही मचा हड़कंप
Aug 09, 2026 | 04:33 PM
JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM












