स्मार्ट सिटी मिशन में संभाजीनगर की बड़ी छलांग, तकनीक से बदली शहर की तस्वीर और नागरिकों का जीवन

Sambhajinagar Smart City: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तकनीक व परिवहन में नवाचार से राष्ट्रीय पहचान बना रहा है। 16 जनवरी को दिल्ली में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समिट में शहर को तीन बड़े पुरस्कार मिलेंगे।
Sambhajinagar Smart City
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Smart City Awards 2026 News: छत्रपति संभाजीनगर तकनीक आधारित बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव के चलते छत्रपति संभाजीनगर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श शहर के रूप में उभर रहा है।

इन नवोन्मेषी प्रयासों के कारण शहर को 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित गवर्नेस नाउ छठे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समिट में तीन प्रमुख पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

यह उपलब्धि केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर की उस तकनीकी प्रगति की पुष्टि है जिससे नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। शहर की तकनीकी यात्रा का अहम पड़ाव एंडोबॉट प्रणाली का उपयोग है।

सार्वजनिक सेवाओं में दक्षता और नैतिकता का नया मानक

यह एआई आधारित रोबोटिक समाधान भूमिगत सीवर लाइनों की जांच और रखरखाव का कार्य करता है। मशीन लर्निंग और उन्नत डेटा विश्लेषण की मदद से यह प्रणाली पाइपलाइन नेटवर्क में संरचनात्मक दोष, रुकावट और रिसाव को अत्यंत सटीकता से पहचानती है।

इससे मानव हस्तक्षेप के बिना कार्य संभव हुआ है और मैनुअल स्कैवेंजिंग पूरी तरह बंद हो पाई है। सार्वजनिक सेवाओं में दक्षता और नैतिकता का यह एक नया मानक बन गया है। चलो मोबिलिटी के सहयोग से शुरू किए गए स्मार्ट बस चलो प्रोजेक्ट ने शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक रूप दिया है।

चलो ऐप के माध्यम से यात्रियों को बस का लाइव लोकेशन और सीटों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाइम में मिलती है। साथ ही टैप टू पे टिकट प्रणाली शुरू की गई है। इस पहल से यात्रियों की संख्या बढ़ी है और प्रशासन को मार्ग व समय सारणी सुधारने के लिए उपयोगी डेटा प्राप्त हुआ है।

दूरदृष्टि और प्रभावी क्रियान्वयन

इन परियोजनाओं की सफलता मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी. श्रीकांत की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्हें इस समिट में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लीडर के रूप में सम्मानित किया जाएगा, उन्होंने तकनीक आधारित स्मार्ट गवर्नेस को प्राथमिकता दी है।

उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र जोगदंड ने प्रशासनिक योजना और समन्वय में अहम भूमिका निभाई है। वहीं आईटी प्रोजेक्ट मैनेजर फिज अली ने एआई। आईओटी और मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के तकनीकी क्रियान्वयन का नेतृत्व किया।

हालांकि यह सम्मान 16 जनवरी को नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा, लेकिन शहर की सड़कों और बुनियादी ढांचे में दिखाई देने वाला परिवर्तन ही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह एक ऐतिहासिक शहर के आधुनिक और तकनीक समर्थ महानगर बनने की दिशा में सशक्त प्रमाण है।

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