
पहली रोटी गाय को और अंतिम रोटी कुत्ते को खिलाने के फल जानिए
vastu shastra: गाय को हिन्दू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है। गाय का महत्व का पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोटियां बनाते समय पहली रोटी गाय के लिए निकाली जाती है। भारत में गाय को गाय माता कहकर संबोधित किया जाता है। प्राचीन काल से ही घरों में गाय पालने की परम्परा चली आ रही है। गाय माता में सभी 33 करोड़ देवी देवताओं का वास माना गया है। इसलिए गाय पूजनीय है।
वहीं, शनि दोष समाप्त करने के लिए आखिरी रोटी कुत्ते को जरूर खिलाना चाहिए। ऐसा करने से जातक को कई और लाभ हो सकते हैं। अब सवाल है कि आखिर घर में पहली रोटी गाय को और आखिर कुत्ते को क्यों देनी चाहिए। रोटी खिलाने का नियम क्या हैं। गाय और कुत्ते को रोटी खिलाने के लाभ जानिए।
गाय को रोटी खिलाने के नियम जानें
ज्योतिषयों के अनुसार, रोटी में हल्दी लगाकर गाय को खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं, कहा गया है कि गाय को बचा हुआ जूठा खाना नहीं खिलाना चाहिए। ऐसा करने से देवता नाराज होते हैं। यदि गाय को बासी रोटी खिला भी रहे हैं, तो उसमें गुड़ मिलाकर खिलाएं।
कहते हैं, गाय को रविवार, शनिवार और गुरुवार के दिन रोटी खिलाना शुभ है। साथ ही, जब भी आप गाय के लिए रोटी तैयार करें या उसे खिलाएं तो आदर का भाव होना चाहिए।
गाय को क्यों खिलाएं पहली रोटी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर आप गरीबी की समस्या से जूझ रहे हैं तो घर में सुबह बनने वाली पहली रोटी के चार टुकड़े कर लें। अब इसका पहला टुकड़ा गाय को, दूसरा टुकड़ा कुत्ते को। तीसरा टुकड़ा कौओं को और चौथा टुकड़ा किसी चौराहे पर रख दें।
कहा जाता है कि ऐसा करने से घर की सभी आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। इससे गरीबी दूर होती है और धन का लाभ होता है।
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मान्यताओं के अनुसार, यदि आपके घर में सुख शांति नहीं है, कलह मची हुई है तो ऐसे व्यक्ति को रोज सुबह बनाई गई पहली रोटी गाय को और आखिर में बनाई गई रोटी कुत्ते को खिलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख शांति का वास होता है। इससे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
अगर किसी की कुंडली में राहु केतु या शनि का दोष है तो उसे प्रत्येक दिन रात को अंत में बनाई जाने वाली रोटी कुत्ते को देना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में जो भी दोष होते हैं, वो खत्म हो जाते हैं।






