
जानिए क्या है चंद्र दर्शन के फायदे (सौ.सोशल मीडिया)
Chandra Darshan After Amavasya: हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है, खासकर अमावस्या के बाद का पहला चंद्र दर्शन बेहद शुभ माना जाता है। अमावस्या की रात के बाद जब आकाश में पहली बार हल्की-सी चांद की कली दिखती है, उसे चंद्र दर्शन कहा जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन चांद के दर्शन से मन को शांति, सुख और सौभाग्य मिलता है। ऐसे में आइए जानते है अमावस्या के बाद कब दिखाई देगा पहला चांद और इसके शुभ फायदे।
ज्योतिषयों के अनुसार, अमावस्या बीतते ही अगले दिन शाम को चांद की पहली झलक दिखाई देती है। कहते है मौसम साफ हो तो सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में पतली-सी चांद की कली देखी जा सकती है।
ज्योतिष विषेशज्ञ के अनुसार, अमावस्या वह तिथि होती है जब चंद्रमा आकाश में अदृश्य यानी गायब हो जाता है, क्योंकि वह सूर्य के साथ एक ही राशि में होता है। यह एक ऐसा समय होता है जब नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव अधिक माना जाता है।
अमावस्या के बाद जब पहली बार चंद्रमा के दर्शन होते हैं, तो यह नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर बढ़ने का प्रतीक होता है। चंद्रमा को मन, शांति और शीतलता का कारक माना जाता है। उसके दर्शन से इन सभी गुणों की प्राप्ति होती है।
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