आज सावन का दूसरा सोमवार, कामिका एकादशी भी, भगवान शिव के साथ करें विष्णु पूजा

Sawan : आज सावन का दूसरा सोमवार के साथ कामिका एकादशी पूजा का भी विशेष योग बन रहे हैं। ऐसे में भगवान विष्णु और शिव जी दोनों की पूजा करना बड़ा शुभ माना जा रहा है। जिससे दोनों की कृपा प्राप्त हो सकती है।
आज सावन का दूसरा सोमवार, कामिका एकादशी भी, भगवान शिव के साथ करें विष्णु पूजा
सावन का दूसरा सोमवार(सौ.सोशल मीडिया)
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Kamika Ekadashi and Sawan ka Somwar:  आज 21 जुलाई को सावन का दूसरा सोमवार व्रत के साथ कामिका एकादशी का भी संयोग बन रहा है। इस हिसाब से आज का दिन हिंदू श्रद्धालुओं के लिए शुभ एवं फलदायक शाबित होने वाला है। सावन में पड़ने वाली एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। यह भगवान विष्णु की आराधना का दिन होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना और व्रत अत्यंत फलकारी होता है।

अब जब यह दो खास दिन एक साथ पड़ रहे हैं, तो ऐसे में जानकारों का कहना है कि इस दिन भगवान विष्णु और शिव की आराधना साथ में करने से कई गुना फल की प्राप्ति होगी और इस दिन का व्रत कई गुना फलकारी साबित होगा।

कामिका एकादशी के दिन बन रहे हैं शुभ योग

ज्योतिषियों की मानें, तो इस बार सावन का दूसरा सोमवार बेहद खास है क्योंकि इसमें कामिका एकादशी का भी सहयोग है। इस दिन वृद्धि योग, सर्वाधिक सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, का संयोग भी प्राप्त हो रहा है जो इस दिन को बेहद शुभ और खास बना रहा है।

शिव महादेव और श्री हरि के साथ में पूजन से मिलेगा दोगुना फल

इस दिन भगवान शिव की आराधना का भी महत्व है और भगवान विष्णु की आराधना का भी विधान है। ऐसे में अगर आप भगवान शिव और विष्णु की आराधना करते हैं और व्रत रखते हैं तो आपको दोनों व्रत का फल एक साथ मिल जाएगा, इसलिए इस व्रत का फल दोगुना हो गया है।

इस दिन के शुभ मुहूर्त

इस दिन वृद्धि योग शाम को 6:39 तक रहेगा। वहीं सिद्धि योग पूरे दिन बना रहेगा। रात के 9:00 बजे अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण होगा। ऐसे में आप भगवान शिव और विष्णु का पूजन इन योग में से कभी भी कर सकते हैं।

महादेव और श्री हरि का जलाभिषेक

इस दिन महादेव के साथ-साथ श्रीहरि का भी जलाभिषेक करना भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और लाभकारी होगा। आप किसी भी शुभ मुहूर्त में दोनों का जलाभिषेक कर सकते हैं।

इन बातों बातों का रखें विशेष ध्यान

ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन दोनों देवों की पूजा अर्चना करना शुभ होता है लेकिन एक चीज का खास ध्यान रखें कि भगवान विष्णु को इस दिन तुलसी जरूर अर्पित करें लेकिन भूल से भी भगवान शिव को तुलसी अर्पित ना करें। इस अभिषेक के जल को तुलसी में भी ना चढ़ाएं। आप साथ में पूजन और जलाभिषेक कर सकते हैं लेकिन इस बात का आपको ध्यान रखना होगा।

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