साल में सिर्फ 1 दिन खुलता है ये शिव मंदिर! दर्शन मात्र से दूर हो जाते हैं सारे दुख

Someshwar Mahadev Temple: धर्मशास्त्रों के अनुसार, जिन पर भोलेनाथ की कृपा हो जाती है, उनके जीवन से दुख, रोग और संकट अपने आप दूर हो जाते हैं। इसी आस्था के चलते भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते है।
Shiva temple opens only one day a year someshwar mahadev temple madhya pradesh
Someshwar Mahadev Temple (Source. Facebook)
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Shiv Temple That Opens One Day In A Year: भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, जिन पर भोलेनाथ की कृपा हो जाती है, उनके जीवन से दुख, रोग और संकट अपने आप दूर हो जाते हैं। इसी आस्था के चलते भक्त शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं, व्रत-उपवास रखते हैं और शिव भक्ति में लीन रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव का एक ऐसा प्रसिद्ध मंदिर भी है, जिसके दर्शन मात्र से ही कष्ट दूर हो जाते हैं, हालांकि यहां दर्शन करना आसान नहीं है। वजह यह है कि यह मंदिर साल में केवल एक ही दिन भक्तों के लिए खुलता है।

सोमेश्वर महादेव मंदिर: जहां साल में एक बार होते हैं दर्शन

भगवान शिव के अधिकतर मंदिरों में रोजाना जलाभिषेक और दर्शन होते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के रायसेन दुर्ग में स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। यह मंदिर पूरे साल बंद रहता है और इसके कपाट केवल महाशिवरात्रि के दिन ही खोले जाते हैं। इस एक दिन के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु प्रभु के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।

सिर्फ महाशिवरात्रि को ही क्यों खुलता है मंदिर?

सोमेश्वर महादेव मंदिर के साल में एक बार खुलने के पीछे एक ऐतिहासिक और विवादित कहानी जुड़ी हुई है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में किया गया था। बाद में मुगल शासकों से हुए विवाद के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। बताया जाता है कि साल 1974 तक यह मंदिर पूरी तरह बंद रहा। लंबे समय तक भक्तों को यहां दर्शन का अवसर नहीं मिला। इसके बाद श्रद्धालुओं ने एक धार्मिक मुहिम चलाई, जिसके फलस्वरूप यह निर्णय लिया गया कि मंदिर के द्वार केवल महाशिवरात्रि के दिन ही खोले जाएंगे। तभी से यह परंपरा आज तक निभाई जा रही है।

सिर्फ 6 घंटे के लिए खुलते हैं कपाट

महाशिवरात्रि के दिन यह मंदिर सुबह 6 बजे खुलता है और दोपहर 12 बजे बंद कर दिया जाता है। इन कुछ घंटों में हजारों भक्त भगवान शिव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती।

बंद कपाटों पर भी मांगते हैं मन्नत

जब मंदिर बंद रहता है, तब भी भक्तों की आस्था कम नहीं होती। लोग बंद दरवाजों पर ही माथा टेकते हैं और कपाट पर कपड़ा बांधकर अपनी मन्नत मांगते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भोलेनाथ यहां हर समय विराजमान हैं और भक्तों की पुकार जरूर सुनते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं।

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