सावन सोमवार व्रत तब होगा फलीभूत, जब पालन करेंगे ये नियम, महादेव करेंगे कृपा

सावन सोमवार का व्रत पहली बार रखने वालों के लिए कुछ धार्मिक नियमों और सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
सावन सोमवार व्रत तब होगा फलीभूत, जब पालन करेंगे ये नियम, महादेव करेंगे कृपा
सावन सोमवार व्रत के दौरान अपनाएं ये नियम (सौ.सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Sawan Somwar Vrat 2025: हिंदू धर्म में सावन महीने को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है, जो इस साल 11 जुलाई 2025 से शुरू हो चुका है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय होता है। हिन्दू धर्म में सावन के महीने में व्रत रखने का बड़ा महत्व है। इस साल सावन महीने का पहला व्रत 14 जुलाई को रखा जाएगा।

मान्यता है कि सावन में व्रत रखने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। खासकर सोमवार को व्रत रखकर शिवजी का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्री अंशुल त्रिपाठी से जानते है सावन सोमवार व्रत के नियमों के बारे में-

सावन सोमवार व्रत के दौरान अपनाएं ये नियम

सावन सोमवार व्रत रखते समय कुछ सरल, लेकिन पवित्र नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे आपकी भक्ति पूर्ण रूप से फलदायी हो।

1. पवित्र स्नान और शुद्ध वस्त्र

सावन सोमवार व्रत के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठें। स्नान करके तन, मन और विचारों को शुद्ध करें और स्वच्छ, सात्विक वस्त्र धारण करें। यह पूजा की पहली सीढ़ी है।

2. सात्विक आहार और उपवास

इस दिन पूरे दिन सात्विक भाव और मानसिक शुद्धता बनाए रखें। उपवास में केवल फल, दूध और जल का सेवन करें। नमक, मसाले, अनाज और तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखें।

3. शिवलिंग का श्रद्धा से अभिषेक करें

इस दिन घर में या पास के शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और श्वेत पुष्प अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय का जप करते हुए पूजा करें।

4. संध्या समय चंद्रमा को अर्घ्य दें

सावन सोमवार व्रत के दिन शाम को व्रत पूर्ण होने पर चंद्रमा को अर्घ्य देना न भूलें। यह चित्त की शुद्धि, मानसिक शांति और चंद्रदेव की कृपा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

यह भी पढ़ें- सावन महीने में इस दिन है कामिका एकादशी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

5. वाणी, विचार और आचरण में संयम रखें

इस पवित्र मास में झूठ, छल, निंदा, क्रोध और लोभ से स्वयं को दूर रखें। वाणी मधुर रखें, विचारों में पवित्रता और आचरण में सरलता बनाए रखें। संयम और ब्रह्मचर्य के पालन से व्रत को पूर्णता मिलती है।

6. दान और सेवा से करें पुण्य संचय

सावन सोमवार व्रत के दिन किसी भूखे को अन्न, प्यासे को जल और जरूरतमंद को वस्त्र अर्पित करें। सेवा का भाव ही सच्ची भक्ति है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और जीवन में करुणा और कृपा का संचार होता है।

सावन व्रत से होने वाले फायदे

ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्री अंशुल त्रिपाठी कहते हैं कि सावन में व्रत रखने से मन को शांति और शरीर को मजबूती मिलती है। यह व्रत मानसिक तनाव को कम करता है और जीवन में संतुलन लाता है।

बता दें, इसके अलावा शादी में आ रही अड़चनों को भी दूर करता है और अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति में मददगार होता है। जो लोग शिवजी की उपासना पूरी निष्ठा से करते हैं, उनके सारे दुःख धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com