- Hindi News »
- Religion »
- Pandharpur Wari Walk Of 800 Years Of Tradition Faith And Dedication
‘पाउले चालती पंढरी ची चाल’… 800 वर्षों की परंपरा, आस्था और समर्पण की पदयात्रा-वारी पंढरपुर की
भगवान विठ्ठल और माता रुक्मिनी के मात्र दर्शन के लिए निकाले जाने वाली पंढरपुर वारी की परंपरा 800 वर्ष पुरानी है। 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानेश्वर महाराज ने आलंदी से यह पदयात्रा आरंभ की थी।
- Written By: आंचल लोखंडे

'पाउले चालती पंढरी ची चाल'... (सौजन्यः सोशल मीडिया)
पुणे: “घेईन तुजला उराशी निजरा…” संत तुकाराम महाराज के इस अभंग की भावना लिए लाखों वारकरी गुरुवार को आलंदी से पंढरपुर की ओर विठोबा के दर्शन हेतु रवाना हो गए। संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी आषाढ़ी वारी के लिए प्रस्थान कर चुकी है। तेज़ बारिश, गरजते बरसते बादल, इंद्रायणी नदी और कीचड़ से भरे मार्ग भी इन श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सके। संतों की पालखी के साथ हर भक्त ‘ज्ञानोबा माउली तुकाराम’ के नामस्मरण में लीन नज़र आया।
भगवान विठ्ठल और माता रुक्मिनी के मात्र दर्शन के लिए निकाले जाने वाली पंढरपुर वारी की परंपरा 800 वर्ष पुरानी है। 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानेश्वर महाराज ने आलंदी से यह पदयात्रा आरंभ की थी। 17वीं शताब्दी में संत तुकाराम महाराज ने देहू से पंढरपुर तक पालखी यात्रा की परंपरा शुरू की। यह वारी हर वर्ष आषाढ़ मास की शुक्ल एकादशी को पंढरपुर में विठोबा-रखुमाई के दर्शन के साथ संपन्न होती है। तो वहीं दोनों पालखी का मिलन भी होता है।
वारकरी समुदाय
वारकरी का अर्थ है वे लोग जो विठ्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर की यात्रा करते हैं। यह एक मराठी भक्ति संप्रदाय है, जिसमें विट्ठल की पूजा की जाती है और आषाढ़ी-कार्तिकी एकादशी पर पंढरपुर की वारी (तीर्थयात्रा) की जाती है।
सम्बंधित ख़बरें
टोल पर नहीं गए फिर भी कट गए पैसे? FASTag से गलत कटौती का पैसा ऐसे पाएं वापस, जानें पूरा तरीका
पुणे पुलिस की पहल: आम जनता बनी ट्रैफिक प्रहरी, PTP ऐप से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर, नागरिकों को इनाम
पुणे में गर्मी का ‘पारा’ हाई, टूटा 11 साल का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड; मौसम वैज्ञानिक चिंतित
पीएमसी में भाजपा की पकड़ मजबूत, सभी विषय समितियों पर कब्जा तय; 27 फरवरी को औपचारिक घोषणा
यात्रा का मार्ग और दूरी
यह यात्रा लगभग 250 किलोमीटर लंबी होती है। वारकरी प्रतिदिन औसतन 15–25 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं। पूरी यात्रा में लगभग 20–21 दिन लगते हैं। इस यात्रा में पैदल चलने की परंपरा है क्योंकी संत ज्ञानोबा और संत तुकाराम महाराज ने पैदल ही विठ्ठल के दर्शन के लिए निकले थे, सभी संकटो को पार कर भगवान के दर्शन का यह सुख अद्भुत माना जाता है।
क्या है ‘दिंडी और रिंगण’
दिंडी यानी छोटे-छोटे संगठित समूह जो इस वारी में अनुशासित रूप से शामिल होते हैं। हर दिंडी के साथ ढोल-ताशे, झांज, टाळ, अभंग, हरिपाठ और कीर्तन की गूंज वातावरण को भक्तिमय बना देती है। तो वहीं ‘रिंगण’ एक पवित्र आयोजन होता है जिसमें प्रतीकात्मक घोड़े रेत के मैदान में गोल दौड़ते हैं, यह प्रभु की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है।
वारी का महत्व
वारी केवल धार्मिक पदयात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भक्ति, अनुशासन और सहयोग का जीवंत उदाहरण है। यह जाति, वर्ग, उम्र और लिंग से परे, सभी को एकसूत्र में पिरोने वाली महान परंपरा है। लाखों वारकरी- महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सब मिलकर इस यात्रा को पूर्ण करते हैं।
माउली मंदिर की सजावट
इस वर्ष भी माउली मंदिर को विविध फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। गेंदा, मोगरा, लिली आदि फूलों से मंदिर परिसर का अलंकरण हुआ। मंदिर द्वार पर लाल और जामुनी फूलों से “निरंतर करुण्यसिंधु” यह शब्द अंकित किए गए थे।
प्रकृति की परीक्षा-आस्था की विजय
गुरुवार सुबह से तेज़ बारिश के कारण इंद्रायणी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। सुरक्षा कारणों से कुछ घाटों पर वारकरियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया। बावजूद इसके, भीगे वस्त्रों और फिसलन के बीच भक्तगण ‘माउली माउली’ की गूंज करते हुए आनंद में डूबे रहे।
सुरक्षा और सुविधा की व्यवस्था
पिंपरी-चिंचवड पुलिस द्वारा लगभग 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। CCTV, टॉवर, महिला सुरक्षा तैनाती, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, पीने का पानी, टॉयलेट्स और आश्रय केंद्र जैसी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
19 साल बाद योगिनी एकादशी का ऐसा महासंयोग, इन 4 राशियों का खुलेगा भाग्य
वारी 2025: प्रमुख दिनांक
- संत तुकाराम महाराज पालखी यात्रा: देहू से प्रस्थान — 18 जून, पंढरपुर आगमन — 5 जुलाई
- संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी यात्रा: आलंदी से प्रस्थान — 19 जून, पंढरपुर आगमन — 5 जुलाई
- विठोबा दर्शन (आषाढ़ी एकादशी): 6 जुलाई 2025
‘पाउले चालती पंढरी ची चाल’…
पंढरपुर वारी एक पदयात्रा से कहीं बढ़कर यह सद्भाव, श्रद्धा और महाराष्ट्र की आत्मा का साक्षात रूप है। हर वर्ष लाखों वारकरी अपने दुख, सुख, कष्ट और प्रेम लेकर ‘माउली’ के चरणों में समर्पित होते हैं। “वारी चलती है… बारिश में भी, कीचड़ में भी, क्योंकि यह सिर्फ रास्ता नहीं, यह श्रद्धा की चाल है।”
Pandharpur wari walk of 800 years of tradition faith and dedication
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
मासिक दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन करना चाहिए या नहीं? जानिए क्या कहता है नियम
Feb 24, 2026 | 01:37 PMटोल पर नहीं गए फिर भी कट गए पैसे? FASTag से गलत कटौती का पैसा ऐसे पाएं वापस, जानें पूरा तरीका
Feb 24, 2026 | 01:33 PMImran Khan को मिली इलाज की इजाजत… 15 गाड़ियों का काफिला और भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे PIMS अस्पताल
Feb 24, 2026 | 01:32 PMमनपा सदन में बढ़ी हिंदी भाषी नेताओं की भागीदारी, BMC में पहली बार 10 मनोनीत नगरसेवक, बदला समीकरण
Feb 24, 2026 | 01:31 PMमालेगांव में तिरंगा लेकर धरने पर बैठीं मेयर; फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और बांग्लादेशी घुसपैठ पर मचा बवाल
Feb 24, 2026 | 01:28 PMकानपुर पुलिस का ‘किस’ कांड: रील बना रहे ट्रांसजेंडर को सिपाही ने सरेआम चूमा, Video वायरल होते ही गिड़गिड़ाने लगा
Feb 24, 2026 | 01:21 PMविदर्भ का भाग्य बदलेगी 95,000 करोड़ की वैनगंगा-नलगंगा परियोजना, 4 लाख हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित
Feb 24, 2026 | 01:18 PMवीडियो गैलरी

झुग्गी झोपड़ी-फुटबॉल और क्राइम…क्या है Amitabh Bachchan की Jhund वाले विजय बारसे की असली कहानी?
Feb 24, 2026 | 07:45 AM
रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM















