आज सावन शिवरात्रि पर भोलेनाथ को जरूर चढ़ाएं उनके यह प्रिय भोग, इस मंत्र का करें उच्चारण, होगा भाग्योदय

शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक 'मासिक शिवरात्रि' 2 अगस्त को है। ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार इस दिन भगवान शिव को उनकी प्रिय चीजों का भोग जरूर लगाना चाहिये, इससे जातक को पूजा का विशेष फल मिलता है।
Offer favorite Bhog to Lord Shiva on Sawan Shivratri.
(सौजन्य सोशल मीडिया)
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भगवान शिव और देवी शक्ति के मिलन का प्रतीक 'मासिक शिवरात्रि' का पावन त्योहार 2 अगस्त, शुक्रवार यानी आज मनाई जा रही है। वैसे तो सावन का हर दिन शिव पूजा के लिए बहुत ही शुभ एवं पुण्यदायी माना जाता है लेकिन मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है।

धार्मिक मान्यता है कि सावन में महादेव की विधिपूर्वक पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है और जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो जाती हैं। शिवजी को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाने से भी पूजा का विशेष फल मिलता है जातक की पूजा सफल होती है। ऐसे में आइए जानें सावन शिवरात्रि पर महादेव को किन चीजों का भोग लगा सकते हैं......

शिव को अति प्रिय हैं भांग-धतूरा

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, सावन माह की शिवरात्रि पर भगवान शिव को भांग और धतूरा जरूर अर्पित करें। ये चीजें उन्हें बेहद प्रिय हैं। इससे महादेव प्रसन्न होते हैं और जातक पर कृपा बरसाते हैं। यदि बिजनेस में वृद्धि और लाभ कमाना चाहते हैं तो उपाय के तौर पर सावन शिवरात्रि में यह अवश्य करें। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि शिव जी को भोग लगाते समय मंत्रों का जाप जरूर करें।

सूखे मेवे के भोग से मिलेगा धन लाभ

ज्योतिषियों के अनुसार आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए सावन शिवरात्रि पर महादेव का अभिषेक करने के बाद उन्हें सूखे मेवों का भोग लगाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है और धन लाभ के योग बनते हैं। इसके साथ ही साधक को सभी क्षेत्र में सफलता मिलती है।

महादेव को लगाएं खीर का भोग

ज्योतिषियों के अनुसार संतान सुख की प्राप्ति के लिए सावन शिवरात्रि का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन महादेव की पूजा करें और खीर, आलू का हलवा, दही और घी का भोग लगाएं। ऐसा करने से जातक को जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

रिश्तों में मिठास के लिये चढ़ाएं शहद

ज्योतिषियों के अनुसार सावन शिवरात्रि के विशेष मौके पर शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं। ऐसा करने से न केवल जीवन में सुख और समृद्धि आती है बल्कि रिश्तों में मिठास भी घुलने लगती है।

भोग लगाते समय इस मंत्र का करें जाप त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।

इस मंत्र का अर्थ है कि हे भगवान जो भी मेरे पास है, वो आपका दिया हुआ है। मैं आपको दिया हुआ अर्पित करता हूं। मेरे इस भोग को आप स्वीकार करें।

लेखिका- सीमा कुमारी

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