लोहड़ी की अग्नि में क्या डालने से लुट जाएंगी खुशियां, घर में आ सकती है कंगाली! तुरंत जानिए

Lohri Ritual Mistakes:लोहड़ी की अग्नि को शुद्धि, बदलाव और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में आइए जानते है लोहड़ी की अग्नि किन चीजों की आहुति देना अशुभ माना गया है।
Lohri Puja Rules 2026
लोहड़ी की अग्नि का धार्मिक महत्व(सौ.सोशल मीडिया)
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Lohri Puja Rules 2026 : हर साल की तरह इस बार 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार पूरे देशभर में मनाया जाएगा। यह पर्व खासतौर से पंजाब और हरियाणा में बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मौजूदा समय में पंजाब और हरियाणा के अलावा, अब देश के कई हिस्सों में लोहड़ी का पर्व मनाया जाने लगा है।

जैसा कि आप जानते है कि, लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है और फसल, प्रकृति तथा अग्नि देव की उपासना से जुड़ा हुआ है।

लोहड़ी को साक्षी मानकर लोग सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और अच्छी फसल की कामना करते हैं। धार्मिक और लोक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी की आग में डाली जाने वाली हरेक वस्तु का अपना विशेष महत्व होता है, वहीं कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिन्हें अग्नि में डालना वर्जित माना गया है।

लोहड़ी की अग्नि में क्या डालना वर्जित माना गया है

प्लास्टिक या रासायनिक से बनी वस्तुएं

धार्मिक दृष्टि से प्लास्टिक या रासायनिक से बनी वस्तुएं अशुद्ध मानी जाती हैं साथ ही पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ाती हैं इसलिए शास्त्रों के अनुसार, इन्हें लोहड़ी की अग्नि में डालना मना किया जाता है।

नमक

नमक को लोक मान्यताओं में नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता से जोड़ा गया है इसलिए इसे शुभ अनुष्ठानों और लोहड़ी की आग में नहीं डालते कभी भी।

जूठा या अशुद्ध भोजन

जूठा या अशुद्ध भोजन भी देव अर्पण योग्य नहीं माना जाता क्योंकि यह पवित्रता भंग करता है और लोहड़ी के शुभ फल में बाधा उत्पन्न करता है।

फटे या गंदे वस्त्र

फटे या गंदे वस्त्र दरिद्रता और अशुभता के प्रतीक माने जाते हैं इसलिए इन्हें लोहड़ी की अग्नि में अर्पित करने से बचना चाहिए।

Lohri Puja Rules 2026
  • तिल और गुड़

तिल शुद्धता और तप का प्रतीक है, जबकि गुड़ मिठास और आपसी सौहार्द दर्शाता है। इन्हें अग्नि में अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है।

  • मूंगफली और रेवड़ी

मूंगफली और रेवड़ी फसल से जुड़े पारंपरिक पदार्थ हैं, जिन्हें समृद्धि, अन्न वृद्धि और किसानों की मेहनत के सफल फल का प्रतीक माना जाता है।

  • ज्वार और मक्का

ज्वार और मक्का नई फसल, ऋतु परिवर्तन और परिश्रम से प्राप्त सफलता का प्रतीक हैं, जो जीवन में उन्नति और प्रसन्नता दर्शाते हैं।

  • चना और चावल

चना और चावल अन्न पूर्णता, स्थायित्व और पारिवारिक सुख का प्रतीक माने जाते हैं, जो घर में अन्न की कमी न होने का संकेत देते हैं।

लोहड़ी की अग्नि का क्या है धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

लोहड़ी की अग्नि को शुद्धि, बदलाव और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि अग्नि में आहुति देने से मन और आसपास की नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने और मौसम में बदलाव का संकेत देता है। इसलिए लोहड़ी का त्योहार सिख समुदाय में ख़ास महत्व रखता है।

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