माघ महीना बदल देगा किस्मत! 'क्या न करें' यह जानना और पालन करना ज़रूरी

Magh Month Holy Month:धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से माघ के महीने को 'पुण्य का महीना' कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, इस महीने में किए गए स्नान, दान और तप से व्यक्ति को वह पुण्य फल मिलता है।
Magh Month Rituals
माघ मास (सौ.सोशल मीडिया)
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Magh Month Rituals: 4 जनवरी 2026 से माघ महीने की शुरुआत हो चुकी है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से माघ के महीने को 'पुण्य का महीना' कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, इस महीने में किए गए स्नान, दान और तप से व्यक्ति को वह पुण्य फल मिलता है, जो कठिन तपस्या से भी मुश्किल है। माघ का महीना मुख्य रूप से भगवान विष्णु और सूर्य देव को समर्पित है।

प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला और कल्पवास इसी महीने की महिमा को दिखाता है। अगर आप भी इस पवित्र महीने का पूर्ण लाभ लेना चाहते हैं, तो इसके कुछ नियमों का पालन जरूर करें, जो इस प्रकार हैं -

माघ महीना में किन बातों का रखें खास ध्यान

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान शास्त्रों में माघ महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करने का विशेष महत्व है। अगर आप पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें।

तिल का करें प्रयोग

कहा जाता है कि, इस पूरे महीने में तिल का सेवन और दान बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि तिल के प्रयोग से शनि और सूर्य दोष दूर होते हैं।

तामसिक भोजन से परहेज

माघ महीने में तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। ऐसे में सात्विक भोजन करें।

मंत्र जाप

भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का लगातार जप करें। साथ ही रोजाना सूर्य देव को अर्घ्य दें।

माघ महीने में दान का क्या है आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में दान का बड़ा महत्व हैं। खासतौर पर, माघ महीने में गर्म कपड़े, कंबल, गुड़, तिल और अन्न का दान गरीबों को जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि माघ में किया गया दान अक्षय फल प्रदान करता है।

माघ महीने में क्या नहीं करना चाहिए

देर तक न सोना

माघ महीने में सुबह देर तक सोना स्वास्थ्य और सौभाग्य दोनों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।

अपशब्द न बोलें

कहा जाता है कि, माघ महीने में किसी का अपमान न करें और न ही झूठ बोलें। यह महीना आत्म-शुद्धि का है, इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखें।

पलंग पर न सोएं

ऐसा कहा जाता है कि जो लोग कल्पवास या विशेष साधना कर रहे हैं, उन्हें इस महीने भूमि पर शयन करना चाहिए और कठोर ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

माघ महीने का क्या है आध्यात्मि महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि माघ महीने में सभी पवित्र नदियों का जल अमृत के समान हो जाता है। इस महीने में मकर संक्रांति, षटतिला एकादशी और मौनी अमावस्या जैसे बड़े पर्व आते हैं। ऐसी मान्यता है कि माघ स्नान करने से व्यक्ति के पिछले जन्मों के पाप धूल जाते हैं और उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है।

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