शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से हैं पेरशान, तो ये फूल दिलाएंगे शनिदेव की कृपा, खुलेगी किस्मत

सूर्य पुत्र शनिदेव को समर्पित शनिवार का दिन बड़ा महत्व रखता है। न्याय के देवता शनि देव को शनिवार के दिन प्रसन्‍न करने के लिए उन्‍हें कौन से फूल अर्पित करना शुभ होता हैं।
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से हैं पेरशान, तो ये फूल दिलाएंगे शनिदेव की कृपा, खुलेगी किस्मत
शनि देव (सौ.सोशल मीडिया)
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सूर्य पुत्र शनिदेव को समर्पित शनिवार का दिन बड़ा महत्व रखता है। इन्हें न्याय का देवता भी कहा जाता है। यह व्यक्ति को उनके कर्मों के हिसाब से फल और सजा देते हैं। कहते हैं कि अगर इनकी कुदृष्टि किसी व्यक्ति पर पड़ जाए तो उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं और अगर यह किसी पर प्रसन्न हो जाएं तो उसकी किस्मत बदलकर रख देते हैं।

अगर आप भी शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो शनिवार के दिन उनके प्रिय फूलों को उनकी पूजा में जरूर शामिल करें। मान्यता है कि फूला के बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है, वहीं सभी देवी-देवताओं के उनके प्रिय फल-फूल हैं जो उन्हें चढ़ाए जाते हैं, ठीक उसी तरह से शनिदेव को भी कुछ फूल अतिप्रिय हैं जिन्हें उनपर चढ़ाने से व्यकित के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और न्याय के देवता की कृपा भी बनी रहती है।

शनि देव की पूजा में जरूर शामिल करें उनके प्रिय फूल

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए

अगर आप शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो शनिवार को किसी मंदिर में जाएं और उनकी विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद उन्हें आक का फूल चढ़ाएं। मान्यता है कि इस फूल को उन्हें अर्पित करने से वह बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं।

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साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति के लिए

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनि देव को शनिवार के दिन आक का फूल चढ़ाने से साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है। ऐसा भी कहा जाता ह कि बस इस एक फूल से शनिदेव इतना प्रसन्न होते हैं, कि व्यक्ति की किस्मत चमका देते हैं।

जीवन की समस्याओं के अंत के लिए

शास्त्रों के मुताबिक अपराजिता का फूल भी शनिदेव को अति प्रिय है। अगर शनिवार के दिन सुबह शनि देव की पूजा करते समय 5,7 और 11 की संख्या में अपराजिता के फूल चढ़ाते हैं, तो शनिदेव जीवन में चल रही समस्याओं का अंत कर देते हैं।

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