गलती से अगर करवा चौथ का व्रत टूट जाए, तो परेशान न हों, ये उपाय फलित करेंगे आपकी पूजा

Karwa Chauth vrat ke niyam:करवा चौथ हिन्दू धर्म का प्रमुख पर्व हैं। इस व्रत को महिलाएं सच्ची निष्ठा एवं नियम के साथ रखती है। लेकिन कई बार जान अनजाने में व्रत यदि टूट जाए तो क्या करना चाहिए।
गलती से अगर करवा चौथ का व्रत टूट जाए, तो परेशान न हों, ये उपाय फलित करेंगे आपकी पूजा
करवा चौथ का व्रत बीच में टूट जाए तो क्या करें (सौ.सोशल मीडिया)
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Karwa Chauth 2025 vrat tut jaye to kya karein: हर सुहागिन महिला के लिए करवा चौथ का व्रत बहुत ही खास होता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु,अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

आपको बता दें, यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को प्रगाढ़ करने वाला महापर्व है। लेकिन, कई बार अनजाने में या स्वास्थ्य कारणों से व्रत टूट सकता है। ऐसे में क्या करना चाहिए? क्या व्रत का फल मिलता है या नहीं? और किन उपायों से भूल सुधार की जा सकती है, यह जानना जरूरी हो जाता है।

करवा चौथ का व्रत बीच में टूट जाए तो क्या करें

तुरंत स्नान कर लें

ज्योतिषयों के अनुसार, अगर करवा चौथ के दिन चांद निकलने से पहले ही गलती से व्रत टूट गया है, तो ऐसे में तुरंत स्नान कर लें। साफ वस्त्र धारण करें। शिव-गौरी, गणेशजी, कार्तिकेय भगवान और करवा माता की पूजा करके क्षमायाचना मांगें।

बिना कुछ खाए-पिए व्रत जारी रखें

इसके बाद चांद निकलने तक बिना कुछ ग्रहण किए व्रत जारी रखें। सभी परंपराओं और रीति-रिवाज का विधिवत पालन करें। करवा चौथ की व्रत कथा सुनें।

चंद्र मंत्र और शिव मंत्रों का जाप करें

रात में चंद्रदेव को जल अर्घ्य दें। चंद्रदेव से भी क्षमायाचना मांगे। चंद्र मंत्र और शिव मंत्रों का जाप करें। व्रत टूटने के दोष से बचने के लिए आप 16 श्रृंगार की सामग्री भी दान कर सकती है।

मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत टूटने के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है।

करवा चौथ 2025 का शुभ मुहूर्त

इस साल करवा चौथ का त्योहार 10 अक्तूबर 2025, यानी शुक्रवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्तूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्तूबर की सुबह 7:38 बजे तक रहेगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:16 बजे से शाम 6:29 बजे तक होगा। चंद्रमा का उदय शाम 7:42 बजे होगा, और महिलाएं इसी समय चांद देखकर व्रत का पारण करती हैं।

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