करवा चौथ व्रत में सरगी का क्या महत्व है, साथ ही जानिए पूजा की थाली की 5 सबसे जरूरी सामग्री के नाम

Sargi : बता दें कि, सरगी की थाली सास अपनी बहू को व्रत शुरू करने से पहले देती है। जिसमें दिए गए सामान को खाकर ही व्रत की शुरूआत होती है। सूर्योदय से पहले सरगी खाई जाती है और फिर व्रत रखा जाता है।
करवा चौथ व्रत में सरगी का क्या महत्व है, साथ ही जानिए पूजा की थाली की 5 सबसे जरूरी सामग्री के नाम
सरगी की थाली में क्या-क्या होता है (सौ.सोशल मीडिया)
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Sargi ki thali me kya kya hota hai: 10 अक्तूबर को करवा चौथ का पावन पर्व मनाया जा रहा हैं। इस त्योहार को लेकर महिलाऒ में काफी उत्साह देखी जा रही है। करवा चौथ का नाम सुनते ही हर विवाहित स्त्री के मन में उत्साह और श्रद्धा की भावना जाग उठती है।

यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। इस खास दिन का सबसे अहम हिस्सा होती है- सरगी की थाली, जो सास अपनी बहू को व्रत शुरू करने से पहले यानी सूर्योदय से पहले देती हैं।

सरगी (Karwa Chauth Sargi) सिर्फ एक रिवाज नहीं, बल्कि पूरे दिन बिना भोजन-पानी के उपवास रखने वाली महिलाओं के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत भी होती है। ऐसे में, आइए जानते हैं कि एक पारंपरिक सरगी की थाली में क्या-क्या होती है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

सरगी की थाली में क्या-क्या होता है

सेवइयां

सरगी की थाली में सेवइयां सरगी का पारंपरिक हिस्सा हैं। यह हल्का और स्वादिष्ट व्यंजन सुबह-सुबह पेट को आराम देता है और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित स्रोत बनता है। इससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है।

मीठी मठरी

सरगी की थाली में सेवइयां के अलावा मीठी मठरी का होना बेहद जरूरी होता है। मैदा या सूजी से बनी मीठी मठरी को सुनहरा तल कर तैयार किया जाता है। यह हल्की मीठी और कुरकुरी होने के कारण सरगी में स्वाद का नया रंग भर देती है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और भूख लगने से रोकती है।

दूध या हर्बल टी

एक गिलास दूध जिसमें इलायची, केसर या हल्दी डाली गई हो, पेट को सुकून देता है और पाचन में मदद करता है। कुछ महिलाएं हर्बल चाय या ग्रीन टी का विकल्प भी चुनती हैं, जिससे दिनभर सतर्कता और ताजगी बनी रहती है। सरगी की थाली फलों के बिना भी अधूरी मानी जाती है। सेब, केला, अनार जैसे फल शरीर में जल की मात्रा बनाए रखते हैं और दिनभर की ऊर्जा प्रदान करते हैं। इनमें मौजूद नेचुरल शुगर, विटामिन और फाइबर उपवास के दौरान थकान और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।

ड्राई फूड्स

सरगी की थाली फलों के अलावा ड्राई फूड्स भी शामिल क्या जाता हैं। काजू, बादाम, किशमिश, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स पोषण और ताकत से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और विटामिन शरीर में ऊर्जा का स्तर लंबे समय तक बनाए रखते हैं। सुबह सरगी में थोड़ी मात्रा में इनका सेवन पूरे दिन की थकान को कम कर सकता है। इसे भी पढ़े- करवा चौथ को राहुकाल के दौरान बिल्कुल न करें पूजा-पाठ, यहां जानिए राहुकाल का समय

पारंपरिक मिठाइयां लड्डू, बर्फी

सरगी की थाली में लड्डू, बर्फी या पेड़े जैसी मिठाइयां भी शामिल की जाती है। मिठाइयों के बिना तो हर त्यौहार अधूरा होता है। सरगी में थोड़ी सी मिठाई ऊर्जा को तुरंत बढ़ाने में मदद करती है।

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