आते हों डरावने सपने, तो नाग पंचमी के दिन करें ये महाउपाय, कटेंगे ग्रहदोष भी

Panchami:हर साल सावन महीने में नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। कहते हैं कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता का पूजन करने से जातकों को कालसर्प दोष समेत कई कष्टों से मुक्ति मिलती है।
आते हों डरावने सपने, तो नाग पंचमी के दिन करें ये महाउपाय, कटेंगे ग्रहदोष भी
नाग पंचमी के दिन करें ये महा उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
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Nag Panchami 2025 : नाग देवता को समर्पित नाग पंचमी का पावन पर्व हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। जो कि इस बार 29 जुलाई 2025 को पूरे देश भर में मनाई जाएगी।

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, इस दिन देवों के देव भगवान शिव के साथ ही नाग देवता की भी पूजा जाती है। कहते हैं कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता का पूजन करने से जातकों को कालसर्प दोष समेत कई कष्टों से मुक्ति मिलती है।

ज्योतिषयों का कहना है कि, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष है तो उसे बार-बार डरावने व बुरे सपने आते है। बता दें, कालसर्प दोष की वजह से सपने में बार—बार सांप दिखाई देता है और डर से नींद खुल जाती है।

इसके अलावा, यह दोष तरक्की व धन प्राप्ति के रास्ते में भी अड़चनें पैदा करता है। ऐसे में नाग पंचमी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से कालसर्प दोष समेत कई कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में-

नाग पंचमी के दिन करें ये महा उपाय

  • शिव की पूजा

ज्योतिषयों के अनुसार, कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का विधि-विधान से पूजा करना चाहिए। इस दौरान शिवलिंग पर गंगाजल में काले तिल मिलाकर अर्पित करना शुभ होता है। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी बहुत लाभकारी एवं शुभ माना गया है।

  • भगवान शिव का अभिषेक

इस दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से मुक्ति दिलाते है। इसके अलावा नागपंचमी के दिन किसी पवित्र नदी में चांदी या तांबे से बना नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करना चाहिए, इससे भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

  • इस तरह करें पूजा

नाग पंचमी के दिन शिवलिंग के पास स्थित नाग देवता को दूध और चमेली के फूल अर्पित करें। इस दौरान नाग देवता का मंत्र वासुकिः तक्षकश्चैव कालियो मणिभद्रकः, ऐरावतो धृतराष्ट्रः कार्कोटकधनंजयौ॥ एतेऽभयं प्रयच्छन्ति प्राणिनां प्राणजीविनाम्॥ का जप करना चाहिए। इसके साथ ही आप पूजा में इस मंत्र का भी जप कर सकते हैं -

  • नागपंचमी पूजन मंत्र -

र्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।।

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।

ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।

  • मुख्य द्वार पर करें ये काम

नाग पंचमी के दिन गोबर, गेरु और मिट्टी से नाग की आकृति बनाएं और फिर विधि—विधान से उस आकृति की पूजा करें। कहा जाता है कि, इससे कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है और इसकी वजह से होने वाले आर्थिक संकट से भी छुटकारा मिलता है।

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