
तुलसी के पौधे का आध्यात्मिक महत्व (सौ.सोशल मीडिया)
Basant Panchami Tulsi Remedy: आज पूरा देश बसंत पंचमी का त्योहार मना रहा है। यह शुभ एवं पर्व ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित हर साल माघ महीने में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है और विद्या की प्राप्ति होती है।
बंसत पंचमी के दिन स्नान-दान भी किया जाता है। इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के साथ-साथ तुलसी के पौधे के पास दीपक भी जलाया जाता है। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत विशेष माना जाता है।
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत विशेष माना जाता है। तुलसी को माता मानकर उनको जल अर्पित किया जाता है। तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी वास करती हैं। तुलसी जगत के पालनहार भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय है, इसलिए तुलसी को हरि प्रिया भी कहा जाता है।
बसंत पंचमी के दिन शाम के समय, विशेष रूप से सूर्यास्त के ठीक पहले या गोधूलि बेला में दीपक जलाना शुभ होता है। आज गोधूलि बेला 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 08 मिनट तक रहेगी।
इस समय तुलसी के पास दीपक प्रज्वलित करें। तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है साथ ही घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बना रहता है।
ऐसा माना जाता है कि जिस घर में पूरे विधि-विधान से तुलसी माता की पूजा की जाती है, उस घर में सुख-संपन्नता और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है। वहीं अगर तुलसी पूजा के नियमों की अनदेखी की जाती है, तो घर में बीमारी और दरिद्रता का वास हो जाता है।
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लिहाजा आपके घर में तुलसी का पौधा है और उसकी पूजा की जाती है, तो शास्त्रों में बताए सभी नियमों का पालन अवश्य करें।
अगर पढ़ाई में मन नहीं लगता या एकाग्रता की कमी महसूस हो रही है, तो तुलसी के पौधे पर एक छोटा पीला धागा बांधते हुए अपनी मनोकामना कहें। ऐसा करने से मन केंद्रित होता है और इससे पढ़ाई में दिलचस्पी बढ़ती है।






