गणतंत्र दिवस के ठीक पहले 9,550 किलो विस्फोटक बरामद, 26 जनवरी से पहले दहलाने की थी साजिश? सुलेमान खान गिरफ्तार

Nagaur Explosive Seizure: राजस्थान के नागौर में गणतंत्र दिवस से पहले एक खेत से 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट और भारी मात्रा में डेटोनेटर बरामद किए हैं। आरोपी सुलेमान को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई।
9500 kg explosive found in rajasthan nagaur
नागौर से बरामद विस्फोटक, फोटो- सोशल मीडिया
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 Ammonium Nitrate Rajasthan: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले राजस्थान के नागौर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी आतंकी साजिश की आशंका के बीच करीब 10 टन विस्फोटक जब्त किया है। थांवला थाना पुलिस ने एक खेत में छापेमारी कर भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर बरामद किए हैं, जिसका इस्तेमाल पहले भी कई बड़े धमाकों में हो चुका है।

राजस्थान के नागौर जिले के थांवला थाना इलाके में पुलिस ने शनिवार रात एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि हरसौर गांव के निवासी सुलेमान खान (50) के खेत और आवास पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस की आंखें फटी रह गईं जब वहां से 187 कट्टों में भरा 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ। पकड़ा गया आरोपी सुलेमान खान कोई नया अपराधी नहीं है; उस पर पहले से ही विस्फोटक अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम, 1884 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

विस्फोटकों का जखीरा: डेटोनेटर और फ्यूज वायर की भारी बरामदगी

पुलिस को मौके से केवल अमोनियम नाइट्रेट ही नहीं, बल्कि बम बनाने और विस्फोट करने के लिए आवश्यक अन्य घातक उपकरण भी मिले हैं। जब्त किए गए सामान में शामिल हैं: 9 कार्टन डेटोनेटर

नीले रंग के फ्यूज वायर के 12 कार्टन और 15 बंडल

लाल रंग के फ्यूज वायर के 12 कार्टन और 9 बंडल

इतनी बड़ी मात्रा में डेटोनेटर और तारों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। हालांकि सुलेमान का दावा है कि वह इसे खदान मालिकों और अवैध माइनिंग करने वालों को बेचता था, लेकिन गणतंत्र दिवस से ठीक पहले इतनी बड़ी खेप का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन: क्यों खतरनाक है अमोनियम नाइट्रेट?

अमोनियम नाइट्रेट (NH4NO3) का इस्तेमाल खाद बनाने में किया जाता है, लेकिन अगर इसे ईंधन (जैसे डीजल) के साथ मिला दिया जाए, तो यह एक अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक ANFO में बदल जाता है।

पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से इसलिए ले रही हैं क्योंकि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके में इसी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी। इसके अलावा, हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद और अन्य इलाकों में छापेमारी कर हजारों किलो अमोनियम नाइट्रेट और आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, मात्र 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट एक किलोमीटर तक तबाही मचा सकता है और 3,000 किलो का धमाका पूरे मोहल्ले को समतल कर सकता है।

केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर सुलेमान, बड़ी साजिश का संदेह

नागौर एसपी के अनुसार, जब्त की गई सामग्री की मात्रा इतनी अधिक है कि इसके पीछे केवल माइनिंग का उद्देश्य होना संदिग्ध लगता है। इसी को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसियों (IB और NIA) को भी इस बरामदगी की सूचना दे दी है। एजेंसियां अब सुलेमान खान से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि क्या यह विस्फोटक किसी आतंकी गुट या राष्ट्रविरोधी तत्व को सप्लाई किया जाना था। विशेष रूप से 26 जनवरी से पहले इस बरामदगी ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि सुलेमान को इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक की आपूर्ति कहां से हुई और उसके खरीदार कौन-कौन थे।

अमोनियम नाइट्रेट: खाद से विनाशकारी बम तक का सफर

अमोनियम नाइट्रेट एक गंधहीन सफेद दानेदार रसायन है। यह अपने आप में विस्फोटक नहीं है, लेकिन आग या ईंधन के संपर्क में आने पर यह जबरदस्त ऊर्जा पैदा करता है। इसके विस्फोट की गति 14,000 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, जो इमारतों को मलबे में तब्दील करने और इंसानी अंगों को चीरने की क्षमता रखती है। नागौर में पकड़े गए 10 टन विस्फोटक से होने वाली तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह कई किलोमीटर के दायरे में जान-माल का भारी नुकसान कर सकता था।

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