

जैसलमेर : राजस्थान के जैसलमेर जिले में रविवार, 11 मई को एक बड़ी राहत तब मिली जब भारतीय सेना और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में एक संदिग्ध प्रोजेक्टाइल (विस्फोटक वस्तु) को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया गया। यह कार्रवाई उस समय की गई है जब शनिवार रात पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए सीमा पार से गोलीबारी और ड्रोन हमलों की खबरें आई थीं।
जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि स्थिति सामान्य है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि उन्हें खेतों या अन्य स्थानों पर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, कम से कम 100 मीटर की दूरी बनाए रखें, और कोई भी फोटो या वीडियो न लें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
शनिवार रात जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम की घोषणा की, उसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने समझौते का उल्लंघन करते हुए सीमा पार फायरिंग और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। इसके चलते कई जिलों में हवाई हमले के सायरन बजाए गए और ब्लैकआउट की स्थिति बन गई।
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रात 11 बजे एक प्रेस ब्रीफिंग में पुष्टि की कि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा, "भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच हुई सहमति के कुछ ही घंटे बाद लगातार उल्लंघन हो रहे हैं। यह बेहद गंभीर मामला है और हमारी सेना इसका उचित और प्रभावी जवाब दे रही है।" विदेश सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि अब भारत, पाकिस्तान से केवल DGMO (Director General of Military Operations) के माध्यम से ही संवाद करेगा। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं… सरकार की कड़ी चेतावनी, अब गोली का जवाब गोले से मिलेगा
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाए। उनका संदेश साफ है कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा, बल्कि हर हमला अब और जोरदार जवाब के साथ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह तक हालात नियंत्रण में आ गए थे और संघर्ष विराम की स्थिति बहाल हो चुकी थी। लेकिन सेना और सुरक्षा एजेंसियां अभी भी हाई अलर्ट पर हैं