पुणे में 3.49 करोड़ की कथित अनियमितता, व्यंकोजी खोपडे पर वसंत मोरे का आरोप

Vasant More Press Conference: पुणे में भाजपा नगरसेवक व्यंकोजी खोपडे पर 3.49 करोड़ रुपये के ग्राम पंचायत फंड में अनियमितता का आरोप लगा है। शिवसेना नेता वसंत मोरे ने जांच और फंड आवंटन रोकने की मांग की।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Pune Gram Panchayat Fund Scam: पुणे महानगर पालिका के नवनिर्वाचित भाजपा नगरसेवक व्यंकोजी खोपडे पर शिवसेना नेता वसंत मोरे ने ग्राम पंचायत फंड में लगभग 3.49 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मोरे ने इस संबंध में जिला परिषद और महानगर पालिका आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर विस्तृत जांच की मांग की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोरे ने बताया कि यह कथित घोटाला उस समय का है, जब खोपडे गुजरवाडी-निंबालकरवाडी ग्राम पंचायत के सरपंच थे।

ग्राम पंचायत से विकास फंड के दुरुपयोग का दावा

मोरे के अनुसार, 2017 से 2021 के बीच ग्राम पंचायत को मुद्रांक शुल्क रिटर्न, जिला परिषद विकास निधि, स्थानीय कर राजस्व और व्यावसायिक शेड टैक्स के माध्यम से कुल 3 करोड़ 49 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। आरोप है कि पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (पीडीसीसी) में स्थित ग्राम पंचायत के खाते से इस राशि का गबन किया गया। वसंत मोरे ने दावा किया कि बड़ी संख्या में चेक ग्राम पंचायत कर्मचारियों, उनके परिजनों, एक ठेकेदार और उसके कर्मचारियों के नाम पर जारी किए गए। खोपडे से जुड़ी संस्था 'ज्ञानदा अर्थमूवर्स' को भी संदिग्ध रूप से भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है।

अंतिम समय में 15 लाख का ट्रांजैक्शन

  • सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि गांव के मनपा सीमा में शामिल होने से ठीक दो दिन पहले, ग्राम पंचायत के खाते से 15 लाख रुपये से अधिक की राशि आनन-फानन में ट्रांसफर की गई थी।
  • वसंत मोरे ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत आयकर विभाग में भी दर्ज कराई है और जिला परिषद से जांच समिति नियुक्त करने की मांग की है।
  • उन्होंने महानगर पालिका आयुक्त से अपील की है कि जांच पूरी होने तक खोपडे को महापालिका बजट से कोई भी विकास निधि (फंड) आवंटित न की जाए।

प्रशासनिक रुख और राजनीतिक हलचल

फिलहाल व्यंकोजी खोपडे की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन प्रशासन ने प्राथमिक जांच के संकेत दिए है। यदि ये आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। फिलहाल सभी की नजरें जिला परिषद की आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी है।

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