हर थकान, कमजोरी या सिरदर्द का मतलब आयरन की कमी नहीं होता, लेकिन अगर ऊपर बताए गए कई लक्षण एक साथ दिखाई दें और लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर हीमोग्लोबिन और आयरन की जांच करवाना बेहतर कदम हो सकता है। संतुलित आहार में पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, राजमा, चना, बीन्स, गुड़, तिल, सूखे मेवे, अनार और आयरन से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ शामिल करें। आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन C युक्त फल, जैसे संतरा, आंवला और नींबू भी फायदेमंद हो सकते हैं। यदि डॉक्टर आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दें, तो उन्हें केवल चिकित्सकीय निर्देश के अनुसार ही लें। समय पर पहचान, सही खानपान और उचित इलाज से आयरन की कमी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।