Photo: महिलाओं में आयरन की कमी चुपचाप देती है ये 8 संकेत, कहीं आप भी तो नहीं कर रहीं नजरअंदाज?

Iron Deficiency in Women: महिलाओं में आयरन की कमी से कमजोरी, थकान, बाल झड़ना और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जानिए इसके 8 अहम संकेत और समय रहते सावधानी बरतें।
Photo: Iron deficiency in women silently shows these 8 signs—are you ignoring them too?
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Female Problems
क्या आपको बिना ज्यादा काम किए ही थकान महसूस होती है? सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगती है या चेहरा हमेशा फीका-सा दिखता है? कई महिलाएं इन समस्याओं को सामान्य कमजोरी, तनाव या व्यस्त दिनचर्या का असर समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन कई बार ये शरीर में आयरन की कमी के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं। आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे कई तरह के संकेत देने लगता है। आइए जानते हैं ऐसे 8 लक्षण, जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
Female Problems (2)
अगर आपका चेहरा पहले की तुलना में ज्यादा फीका दिखने लगा है या होंठों और आंखों के अंदर की परत का रंग हल्का नजर आने लगा है, तो यह भी आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। हीमोग्लोबिन कम होने पर त्वचा में प्राकृतिक गुलाबीपन कम हो सकता है। कई बार परिवार या दोस्त भी चेहरे की रंगत में आए बदलाव को नोटिस कर लेते हैं। अगर यह बदलाव लंबे समय तक बना रहे और इसके साथ कमजोरी भी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज करने की बजाय जांच करवाना सही रहेगा।
Female Problems (1)
अगर आप रातभर अच्छी नींद लेने के बाद भी सुबह उठते ही थका हुआ महसूस करते हैं या दिनभर ऊर्जा की कमी बनी रहती है, तो इसे केवल व्यस्त लाइफस्टाइल का असर मानकर नजरअंदाज न करें। आयरन की कमी होने पर शरीर पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता, जिससे मांसपेशियों और अंगों तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है। इसका असर यह होता है कि थोड़ी-सी मेहनत, जैसे पैदल चलना, घर का काम करना या ऑफिस का सामान्य काम भी थकाने लगता है। अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर रहता है।
Female Problems (3)
अगर कुछ कदम चलने, सीढ़ियां चढ़ने, तेज चलने या हल्का-सा घरेलू काम करने पर ही सांस फूलने लगे, तो यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है। आयरन की कमी होने पर शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, इसलिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसी वजह से कई लोगों को धड़कन तेज महसूस होती है या हल्की-सी गतिविधि के बाद भी आराम करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Female Problems (4)
अगर आपके बाल सामान्य से ज्यादा झड़ने लगे हैं या कंघी करते समय बालों की मात्रा पहले से अधिक टूट रही है, तो इसकी एक वजह आयरन की कमी भी हो सकती है। इसके अलावा नाखून पतले, कमजोर या जल्दी टूटने वाले हो सकते हैं। कुछ लोगों में नाखून चम्मच जैसे आकार के भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि बाल झड़ने और नाखून कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए लगातार समस्या रहने पर जांच करवाना जरूरी होता है।
Female Problems (5)
अगर अचानक खड़े होने पर चक्कर आने लगते हैं, सिर भारी महसूस होता है या बिना किसी खास वजह के बार-बार सिरदर्द रहने लगा है, तो इसे भी हल्के में न लें। आयरन की कमी होने पर मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे कुछ लोगों को चक्कर, सिरदर्द या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस होती है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करवाना बेहतर होता है।
Female Problems (6)
अगर सामान्य मौसम में भी आपके हाथ और पैर अक्सर ठंडे रहते हैं, जबकि आसपास के लोगों को ऐसा महसूस नहीं होता, तो यह भी आयरन की कमी से जुड़ा एक संकेत हो सकता है। जब शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तो रक्त संचार प्रभावित हो सकता है। इसकी वजह से हाथ-पैर ठंडे महसूस होना, सुन्नपन या हल्की झुनझुनी जैसी समस्या भी कुछ लोगों में देखने को मिल सकती है। अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें।
अगर आपका काम करते समय बार-बार ध्यान भटकता है, छोटी-छोटी बातें भूलने लगे हैं या किसी काम पर लंबे समय तक फोकस करना मुश्किल हो रहा है, तो इसकी एक वजह आयरन की कमी भी हो सकती है। मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने पर मानसिक कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसका असर याददाश्त, एकाग्रता और काम की गति पर भी पड़ सकता है। हालांकि इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए लगातार परेशानी होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
अगर आपका काम करते समय बार-बार ध्यान भटकता है, छोटी-छोटी बातें भूलने लगे हैं या किसी काम पर लंबे समय तक फोकस करना मुश्किल हो रहा है, तो इसकी एक वजह आयरन की कमी भी हो सकती है। मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने पर मानसिक कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसका असर याददाश्त, एकाग्रता और काम की गति पर भी पड़ सकता है। हालांकि इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए लगातार परेशानी होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
अगर आपको मिट्टी, चॉक, बर्फ, कच्चे चावल या ऐसी चीजें खाने की इच्छा होने लगे जो सामान्य भोजन का हिस्सा नहीं हैं, तो इसे सामान्य आदत न समझें। इस स्थिति को पिका कहा जाता है और कुछ मामलों में यह आयरन की कमी से जुड़ी हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति में ऐसा नहीं होता, लेकिन अगर इस तरह की इच्छा बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से मिलकर जरूरी जांच करवाना चाहिए। समय रहते पहचान होने पर सही इलाज संभव है।
अगर आपको मिट्टी, चॉक, बर्फ, कच्चे चावल या ऐसी चीजें खाने की इच्छा होने लगे जो सामान्य भोजन का हिस्सा नहीं हैं, तो इसे सामान्य आदत न समझें। इस स्थिति को पिका कहा जाता है और कुछ मामलों में यह आयरन की कमी से जुड़ी हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति में ऐसा नहीं होता, लेकिन अगर इस तरह की इच्छा बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से मिलकर जरूरी जांच करवाना चाहिए। समय रहते पहचान होने पर सही इलाज संभव है।
हर थकान, कमजोरी या सिरदर्द का मतलब आयरन की कमी नहीं होता, लेकिन अगर ऊपर बताए गए कई लक्षण एक साथ दिखाई दें और लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर हीमोग्लोबिन और आयरन की जांच करवाना बेहतर कदम हो सकता है। संतुलित आहार में पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, राजमा, चना, बीन्स, गुड़, तिल, सूखे मेवे, अनार और आयरन से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ शामिल करें। आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन C युक्त फल, जैसे संतरा, आंवला और नींबू भी फायदेमंद हो सकते हैं। यदि डॉक्टर आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दें, तो उन्हें केवल चिकित्सकीय निर्देश के अनुसार ही लें। समय पर पहचान, सही खानपान और उचित इलाज से आयरन की कमी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
हर थकान, कमजोरी या सिरदर्द का मतलब आयरन की कमी नहीं होता, लेकिन अगर ऊपर बताए गए कई लक्षण एक साथ दिखाई दें और लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर हीमोग्लोबिन और आयरन की जांच करवाना बेहतर कदम हो सकता है। संतुलित आहार में पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, राजमा, चना, बीन्स, गुड़, तिल, सूखे मेवे, अनार और आयरन से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ शामिल करें। आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन C युक्त फल, जैसे संतरा, आंवला और नींबू भी फायदेमंद हो सकते हैं। यदि डॉक्टर आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह दें, तो उन्हें केवल चिकित्सकीय निर्देश के अनुसार ही लें। समय पर पहचान, सही खानपान और उचित इलाज से आयरन की कमी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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