हिल्टन यंग कमीशन को ‘रॉयल कमीशन ऑन इंडियन करेंसी एंड फाइनेंस’ भी कहा जाता है। जब भारत में इस कमीशन को लेकर काम शुरू हुआ, तब कमीशन के सभी सदस्यों के हाथ में एक किताब थी। इस किताब को डॉ. अंबेडकर ने लिखा था। इसका शीर्षक था, ‘The Problem of the Rupee – Its Origin and Its Solution’ यानी भारतीय रुपये की समस्या – इसकी उत्पत्ति व समाधान।