Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नवभारत विशेष: एकाधिकार से लोकतंत्र पर लगता ग्रहण, आंबेडकर की चेतावनी सच साबित हुई

Airline Crisis India: इंडिगो उड़ान रद्द मामले ने दिखाया कि कैसे बढ़ता कॉर्पोरेट एकाधिकार उपभोक्ताओं अधिकार और लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रहा है, जिसकी चेतावनी आंबेडकर ने पहले ही दी थी।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Dec 12, 2025 | 11:39 AM

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)

Follow Us
Close
Follow Us:

Ambedkar Economic Warning: भारत में इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान रद्दीकरण घटना ने एक असुविधाजनक सत्य को फिर उजागर किया कि धीरे-धीरे और चुपचाप हमारे बाजार का संतुलन कुछ चुनिंदा हाथों में सिमटता जा रहा है। एयरपोर्ट पर रातभर फंसे यात्री, बर्बाद योजनाएं, रोते बच्चे, अपनी नौकरी या परीक्षा छूटने के डर से बेचैन लोग यह केवल एक एयरलाइन की गलती नहीं थी; यह उस संरचनात्मक खतरे का संकेत था जिसकी ओर भारत पिछले एक दशक से बढ़ रहा है। एक ऐसा खतरा जहां उपभोक्ता के पास विकल्प घटते जाते हैं और कंपनियों के पास जवाबदेही भी।

भारत में आज इंडिगो एयरलाइंस अकेले लगभग आधी घरेलू उड़ानों पर नियंत्रण रखती है। यह स्थिति सिर्फ एक कंपनी की सफलता की कहानी नहीं है; यह उस एकाधिकार-मानसिकता की ओर इशारा भी है जहां प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाती है और बाजार शक्ति के केंद्र कुछ ही कॉरपोरेट दिग्गजों तक सिकुड़ जाते हैं। जब बाजार कुछ हाथों में केंद्रित होता है, तो सेवाओं की गुणवत्ता से लेकर कीमतों तक सब कुछ उपभोक्ता के हित से नहीं, बल्कि एकाधिकार के स्वार्थ से संचालित होने लगता है।

बाबासाहेब आंबेडकर ने पहले ही चेताया था

जो यात्री एयरपोर्ट पर असहाय खड़े थे, वे बस इस दौर की तस्वीर थे; उस असुरक्षा की, जिसे भारत के पहले और सर्वाधिक दूरदर्शी अर्थशास्त्रियों में से एक बाबासाहेब आंबेडकर ने बहुत पहले चेताया था कि भारत जैसे विशाल और असमानता-ग्रस्त समाज में यदि बड़े उद्योगों पर राज्य का नियंत्रण नहीं होगा, तो निजी पूंजीपति धीरे-धीरे सोसाइटी की नसों पर कब्ज़ा कर लेंगे। उनकी चिंता यह नहीं थी कि निजी क्षेत्र बुरा है; बल्कि यह कि अनियंत्रित निजी शक्ति अनिवार्य रूप से एकाधिकार की ओर बढ़ती है, और एकाधिकार लोकतंत्र का सबसे खतरनाक शत्रु है।

सम्बंधित ख़बरें

मां की पहली फ्लाइट और जन्मदिन बना खास, इंडिगो क्रू ने जीत लिया दिल; इमोशनल वीडियो वायरल

Budget 2026: सरकार कर सकती है तोहफों की बारिश, जानें किसान, महिला, युवा और मिडिल क्लास के लिए क्या होगा खास

वसंत पंचमी पर लौटी सोने-चांदी में चमक, सिल्वर 8520 तो 1860 रूपए महंगा हुआ गोल्ड, चेक करें लेटेस्ट रेट

IndiGo Flight Threat: हवा में था विमान तभी मिला धमकी भरा नोट, पुणे में हुई लैंडिंग; आरोपी की तलाश तेज

कई लोग पूछते हैं कि आंबेडकर को अर्थव्यवस्था की इतनी गहरी समझ कैसे थी।इसका उत्तर उनकी दृष्टि में छिपा है आंबेडकर अर्थशास्त्र को कभी सिर्फ “पैसे का खेल” नहीं मानते थे।उनके लिए अर्थव्यवस्था एक नैतिक व्यवस्था थी, जहां बाजार शक्ति का संचय केवल आर्थिक समस्या न होकर राजनीतिक और सामाजिक समस्या भी बन जाता है। इसी कारण उन्होंने कहा था कि राजनीतिक लोकतंत्र तब तक टिक नहीं सकता, जब तक उसका आधार सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र पर न हो।

एक कंपनी की मनमानी

जब हजारों यात्री एक कंपनी की मनमानी के आगे असहाय दिखे, तो वही विरोधाभास सामने आया जिसकी ओर आंबेडकर ने चेताया था भारत में राजनीतिक रूप से हम बराबरी का दावा करते हैं, लेकिन आर्थिक जीवन में कुछ ही खिलाड़ी बाकी सब पर शक्ति का प्रयोग करते हैं। यही असमानता लोकतंत्र को अंदर से खा जाती है आज जब हम इंडिगो जैसी घटनाएं देखते हैं या डिजिटल बाजारों में कुछ कंपनियों का बढ़ता प्रभुत्व, या रिटेल सेक्टर में उभरते एकाधिकार तो आंबेडकर की वह चेतावनी और भी स्पष्ट सुनाई देती है।

यह भी पढ़ें:- संपादकीय: चुनौतीपूर्ण आर्थिक स्थिति से निपटना होगा

बाबासाहेब आंबेडकर ने कहा था कि आधुनिक लोकतंत्र को केवल वोटों से नहीं, बल्कि आर्थिक सत्ता के विकेंद्रीकरण से सुरक्षित रखा जा सकता है। वास्तव में, इंडिगो की उड़ानें रद्द होना समस्या नहीं है; समस्या यह है कि यात्रियों के पास कहीं और जाने का विकल्प नहीं था।और विकल्प का खत्म होना, वही क्षण है जब लोकतंत्र अपने सबसे गहरे अर्थ में घायल होने लगता है।

आम नागरिक की आवाज कमजोर पड़ रही

इंडिगो की घटना केवल एक अनुभव नहीं; यह एक दर्पण है।इस दर्पण में हम अपने भविष्य की झलक देखते हैं एक ऐसा भविष्य जिसमें बाजार की दशा तय करने वालों की संख्या घटती जा रही है और आम नागरिक की आवाज़ कमजोर पड़ती जा रही है। आंबेडकर ने हमें चेताया था कि लोकतंत्र केवल संस्थानों से नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सम्मान से चलता है।यदि हम यह नहीं समझते, तो एकाधिकार का अंधेरा धीरे-धीरे उस रोशनी को निगल लेगा जिसे स्थापित करने के लिए आंबेडकर ने पूरी ज़िंदगी संघर्ष किया था। भारत को एक बार फिर उनकी दृष्टि को पढ़ने की ज़रूरत है क्योंकि समस्या 2024 की है, लेकिन समाधान 1947 में ही लिख दिया गया था।

लेख- डॉ. महेंद्र जाधव, समता सैनिक दल के द्वारा

Indigo flight cancellation monopoly issue ambedkar warning

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Dec 12, 2025 | 11:39 AM

Topics:  

  • Bussiness News
  • Dr. Babasaheb Ambedkar
  • IndiGo

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.