डेढ़ हजार आबादी, 27 हजार जन्म! यवतमाल में CRS घोटाले का खुलासा, जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड में बड़ी धांधली

Birth-Death Record Fraud: यवतमाल की शेंदुरसनी ग्राम पंचायत में जन्म–मृत्यु रिकॉर्ड में बड़ा घोटाला। CRS सिस्टम में 27 हजार फर्जी जन्म दर्ज, साइबर फ्रॉड की आशंका।
Birth-Death Record Fraud: यवतमाल की शेंदुरसनी ग्राम पंचायत में जन्म–मृत्यु रिकॉर्ड में बड़ा घोटाला। CRS सिस्टम में 27 हजार फर्जी जन्म दर्ज, साइबर फ्रॉड की आशंका।
जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड में धांधली (AI generated image)
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Yavatmal News: राज्य सरकार ने 16 सितंबर को गैर-कानूनी और देरी से जारी जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को कैंसिल करने का फैसला लिया था। इसी कडी में आर्णी तहसील की शेंदुरसनी ग्राम पंचायत में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (CRS) सिस्टम में बड़ी संख्या में संदिग्ध रिकॉर्ड मिले हैं। आर्णी के विस्तार अधिकारी (स्वास्थ्य) के इंस्पेक्शन के दौरान शेंदुरसनी ग्राम पंचायत के CRS सॉफ्टवेयर पर 27,398 जन्म के रिकॉर्ड और 11 मृत्यु के रिकॉर्ड पंजिकृत होने का पता चला।

असल में, उस ग्राम पंचायत की आबादी करीब डेढ़ हजार है, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड का मिलना एक गंभीर मामला बन गया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी और जिला निबंधक (जन्म और मृत्यु) ने तुरंत इसकी जानकारी मुख्यकार्यपालन अधिकारी को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए, सीईओ मंदार पत्की ने उपमुख्य कार्यपालन अधिकारी (पंचायत) की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई और शेंदुरसनी ग्राम पंचायत जाकर पूरी जांच करने का आदेश दिया।

साइबर फ्रॉड की संभावना

जांच के बाद पता चला कि 27 हजार 397 जन्म रिकॉर्ड और 7 मौत रिकॉर्ड ग्राम पंचायत इलाके में नहीं थे, लेकिन संदिग्ध थे और यह साफ था कि ग्राम पंचायत के जरिए इतनी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड बनाना नामुमकिन था। 11 दिसंबर, 2025 को मिली टेक्निकल जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह साफ हो गया है कि बताए गए रिकॉर्ड साइबर फ्रॉड की संभावना के तहत हैं। इस मामले में, जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने यवतमाल सिटी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है।

जांच के लिए पुणे भेजा गया था मामला

मामला टेक्निकल जांच के लिए डिप्टी डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज (AMAJIA), पुणे को भेजा गया। स्टेट-लेवल लॉगिन से जांच करने पर पता चला कि शेंदुरसानी ग्राम पंचायत की CRS ID मुंबई से मैप की गई थी। आगे की जांच के लिए मामला एडिशनल रजिस्ट्रार जनरल ऑफिस ऑफ इंडिया और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC), दिल्ली को भेजा गया।

रजिस्ट्रार किसी को न दें ID व OTP

इस बीच, जिले के सभी जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार से अपील की गई है कि वे अपना CRS ID, पासवर्ड और OTP किसी को न दें और अगर कोई संदिग्ध मामला मिले, तो वे तुरंत जिला स्तर पर इसकी सूचना दें, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर और डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु), यवतमाल ने अपील की है।

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