यवतमाल: वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी, एक ही नाम से 2 की एंट्री, एक में महिला तो एक में पुरुष की फोटो

Yavatmal Municipal Election: यवतमाल नगर परिषद चुनाव में वोटर स्लिप में गंभीर त्रुटि सामने आई है। एक नाम पर दो अलग वोटर स्लिप; मतदाता भ्रमित, चुनाव प्रक्रिया पर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग।
Voter Slip Error Yavatmal
एक ही नाम के दो वोटर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Yavatmal Voter Slip Error: यवतमाल नगर परिषद चुनाव के लिए प्रचार अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मतदान में केवल चार दिन शेष रहने के कारण सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी पूरी ताकत के साथ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। इसी क्रम में मतदाताओं को मतदान की जानकारी देने के उद्देश्य से वोटर स्लिप का वितरण भी तेज़ी से किया जा रहा है।

नियमों के अनुसार मतदाताओं तक वोटर स्लिप पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की होती है, लेकिन यवतमाल शहर में यह कार्य बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। इसी दौरान शहर के एक वार्ड में गंभीर अनियमितता सामने आई है, जिससे चुनाव विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ही नाम के मतदाता के लिए दो अलग-अलग वोटर स्लिप तैयार की गई हैं। इनमें एक स्लिप पर महिला मतदाता की फोटो अंकित है, और उसमें भी महिला मतदाता के नाम के बजाय पुरुष मतदाता का नाम प्रकाशित किया गया है। जबकि दूसरी स्लिप पर पुरुष मतदाता की फोटो लगी हुई है, लेकिन इसमें भी धांदली की गई है। दोनों स्लिप एक ही नाम से संबंधित होने के कारण मतदाता भ्रमित हो गए हैं। इस गड़बड़ी के कारण संबंधित क्षेत्र के मतदाताओं में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

मतदाता सूची और वोटर स्लिप में भारी त्रुटियां

कई मतदाताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव विभाग द्वारा तैयार की गई मतदाता सूची और वोटर स्लिप में भारी त्रुटियां हैं। इससे न केवल मतदाताओं का विश्वास डगमगाया है, बल्कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी उठ रही है।

गलती नहीं सुधारी तो विवाद की स्थिति

चुनाव प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक सामने आने से चुनाव निर्णय विभाग की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते इस त्रुटि को ठीक नहीं किया गया तो मतदान के दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद पहचान को लेकर उलझन में पड़ सकते हैं, जिससे मतदान प्रक्रिया बाधित होने की आशंका है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com