यवतमाल नगर परिषद की पहली ही बैठक हो गई स्थगित, मुख्याधिकारी रहे सभा में अनुपस्थित
Yavatmal Politics: यवतमाल नगर परिषद की पहली आमसभा मुख्याधिकारी की अनुपस्थिति के कारण स्थगित हो गई, जिससे शहर के विकास से जुड़े 45 महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा टल गई और विपक्ष ने प्रशासन पर सवाल उठाए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Yavatmal Municipal Council (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yavatmal Municipal Council: यवतमाल नगर परिषद में सत्ता गठन के बाद बहुप्रतीक्षित पहली आमसभा 9 फरवरी को प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ गई। सभागार में नगरसेवकों का कोरम पूरा होने के बावजूद मुख्याधिकारी की अनुपस्थिति के कारण मात्र एक घंटे में बैठक स्थगित करनी पड़ी। इससे शहर के विकास से जुड़े 45 महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा टल गई।
हाल ही में हुए नगर परिषद चुनाव में सर्वाधिक सीटें जीतने वाली भाजपा ने शिवसेना (शिंदे गुट), प्रहार, बसपा और निर्दलीयों के समर्थन से सत्ता स्थापित की है। शहर के विकास को गति देने के उद्देश्य से सोमवार सुबह 11 बजे नगर भवन में नगराध्यक्ष एड. प्रियदर्शनी उईके की अध्यक्षता में पहली बैठक बुलाई गई थी। इस अवसर पर उपाध्यक्ष दत्ता कुलकर्णी और सहायक मुख्याधिकारी राकेश भोयर मंच पर उपस्थित थे।
विपक्ष आक्रामक, शहर के 45 अहम मुद्दे अटके
बैठक की शुरुआत में ही विपक्ष की नेता वैशाली सवई ने प्रशासन पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने पूछा कि विपक्ष द्वारा सुझाए गए विषयों को कार्यसूची में शामिल क्यों नहीं किया गया। इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया। मुख्याधिकारी की अनुपस्थिति और सवालों के संतोषजनक जवाब न मिलने पर विपक्ष ने बैठक रद्द करने की मांग की। इस संबंध में लिखित पत्र भी सौंपा गया। अंततः प्रशासन को झुकना पड़ा और बैठक स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी।
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कार्यवाही का सोशल लाइव प्रसारण हो
नगराध्यक्ष द्वारा बैठक स्थगित करने की घोषणा के बाद प्रहार के नगरसेवक विपिन चौधरी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बैठक स्थगित नहीं की जानी चाहिए और इसका फेसबुक पर लाइव प्रसारण किया जाए। उनकी मांग का भारत ब्राम्हणकर ने भी समर्थन किया। अंततः नवनिर्वाचित सदस्यों का सत्कार, अभिनंदन प्रस्ताव और 100 दिन की कार्ययोजना पर प्रारंभिक चर्चा के बाद बैठक समाप्त कर दी गई।
सभागार में ‘रील्स’ बनाने पर जताई गई आपत्ति
पालिका सभागार में केवल नगरसेवक, अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार और अधिकृत छायाकारों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। लेकिन इस बैठक के दौरान कुछ लोगों द्वारा नगरसेवकों और नगराध्यक्ष की ‘रील्स’ बनाए जाने की जानकारी सामने आई। इस पर भाजपा गुटनेता नितीन गिरी, अमोल देशमुख और पिंटू बांगर ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद रील्स बनाने वालों को सभागार से बाहर कर दिया गया।
