महागांव नगर पंचायत में तख्तापलट की तैयारी, नगराध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 13 पार्षदों ने खोला मोर्चा!

Mahagaon Nagar Panchayat Politics: महागांव नगर पंचायत में बगावत। नगराध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग। 13 पार्षदों ने जिलाधिकारी को सौंपा निवेदन। कांग्रेस की सत्ता पर संकट।
Political turmoil in Mahagaon Nagar Panchayat as councilors demand a special meeting for a no-confidence motion against the President.
महागांव नगर पंचायत (सौजन्य-नवभारत)
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No Confidence Motion: महागांव नगर पंचायत के राजनीतिक क्षेत्र में बड़ी हलचल मची हुई है। नगर पंचायत के वर्तमान नगराध्यक्ष के कामकाज पर भरोसा नहीं होने के कारण विभिन्न दलों के पार्षद एकजुट होकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। मंगलवार को पार्षदों ने जिलाधिकारी को औपचारिक निवेदन सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की।

महागांव नगर पंचायत के पार्षदों के निवेदन में कहा गया है कि नगराध्यक्ष का प्रशासनात्मक ढांचा तानाशाही जैसा है और वह जनप्रतिनिधि को विश्वास में लिए बिना निर्णय ले रहे हैं। पार्षदों ने महाराष्ट्र नगर पंचायत अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आवश्यक संख्या पूरी होने के साथ विशेष बैठक बुलाने की 10 फरवरी को जिलाधिकारी से मांग की है।

प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि त्वरित विशेष बैठक बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाए। इस निवेदन पर नगरपंचायत के पार्षद रामराव नरवाडे, प्रमोद भरवाडे, गजानन साबले, विशाल पांडे, मो. परवेज, मो. शफी सुरैया, सुरेश नरवाडे, जयश्री नरवाडे, जयश्री इंगोले, आशा बावणे, करूणा शिरबिरे, सुनिता डाखोरे और रंजना आड़े के हस्ताक्षर हैं। इस घटनाक्रम से महागांव नगर पंचायत का राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। कांग्रेस के नगराध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावना जताई जा रही है।

नगर पंचायत के कार्यकाल में कुछ ही महीने शेष

महागांव नगर पंचायत के कार्यकाल में कुछ ही महीने शेष हैं। इस बीच कांग्रेस की सत्ता पलटकर भाजपा के नेतृत्व में विकास का नया अध्याय शुरू करने की योजना उमरखेड दरबार में बनाई जा रही है। विवादास्पद देसी शराब की दुकानों पर कार्रवाई।

गांव में सकारात्मक संदेश और अगले पांच साल की सत्ता पर कब्ज़ा करने का मास्टर प्लान तैयार होने की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में चल रही हैं। वहीं कांग्रेस की सत्ता बचाने के लिए गुटनेता शैलेश कोपरकर के प्रयास इस बार नाकाम रहने की संभावना जताई जा रही है, ऐसा राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं।

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