Dharmarao Atram instructions (सोर्सः सोशल मीडिया)
Aheri Encroachment Removal Drive: राजनगरी अहेरी शहर को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शहर की मुख्य सड़कों और सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाकर जमीन सरकार के कब्जे में लेने के निर्देश पूर्व मंत्री तथा विधायक डॉ. धर्मराव आत्राम ने संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
अहेरी में विभिन्न विभागों की एक जायजा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायक आत्राम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। अहेरी से गुजरने वाले राज्य महामार्ग के कार्य को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग को तुरंत माप-गिनती कर सीमांकन तय करने को कहा गया। साथ ही सड़क किनारे स्थित अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाकर रास्ता चौड़ा करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने केवल सड़कों ही नहीं, बल्कि वन विभाग की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता रोहित रव्वा, अहेरी नगर पंचायत के मुख्याधिकारी गणेश शहाणे, पंचायत समिति के गुटविकास अधिकारी गणेश चव्हाण, नायब तहसीलदार नरेंद्र दाते, भूमि अभिलेख कार्यालय के उपअधीक्षक जी.बी. रणदिवे, पुलिस निरीक्षक हर्षल एकरे तथा वनपरिक्षेत्र अधिकारी नारायण इंगले सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
विधायक डॉ. आत्राम ने बताया कि आलापल्ली गांव के करीब 3,500 लोगों का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है और शीघ्र ही उन्हें उनके हक के ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही आलापल्ली के वीर बाबूराव चौक के सौंदर्यीकरण के लिए 15 लाख रुपये की निधि मंजूर की गई है, जिससे शहर की सुंदरता में और निखार आएगा।
भामरागढ़ क्षेत्र में पर्लकोटा नदी पर बनी कम ऊंचाई की पुलिया के कारण बरसात के दिनों में सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट जाता था। इस समस्या को देखते हुए यहां नई ऊंची पुलिया का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन न्यायालयीन मामले के कारण यह कार्य लंबे समय से रुका हुआ था। अब शिकायतकर्ता द्वारा मामला वापस लेने के बाद निर्माण कार्य की बाधा दूर हो गई है और जल्द ही नई पुलिया का निर्माण शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को राहत मिलेगी।
किसानों और बाजार के बीच मध्यस्थता कम कर सीधे व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गड़चिरोली में आयोजित ‘कोया कृषि कुंभ महोत्सव’ के अंतर्गत खरीदीदार-विक्रेता सम्मेलन संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग योजना (PMFME), कृषि तकनीकी ज्ञान व्यवस्थापन विभाग (आत्मा) तथा जिला नियोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में 20 से 22 कंपनियों और किसान समूहों ने हिस्सा लिया।