गृहप्रवेश के इंतजार में 1.75 लाख परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत अधूरी

महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण यानी पीएमएवाई-जी के अंतर्गत बनने वाले घर अभी भी अधूरे हैं। जिसमें ये भी जानकारी मिली है कि 1.25 लाख परिवारों के पास अभी आवास नहीं हैं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (सौ. सोशल मीडिया )
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Yavatmal News In Hindi: राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत स्वीकृत आवास अभी भी अधूरे हैं। वहीं, पात्र परिवारों की पहचान के लिए कुछ दिन पहले आवास सर्वेक्षण कराया गया था।

इसमें पता चला कि सवा लाख परिवारों के पास आवास नहीं हैं। इस योजना में पिछले साल स्वीकृत आवासों का काम भी अधूरा है। इस वजह से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए गृह प्रवेश में देरी हुई है। जिले को वर्ष 2025-26 के लिए 67,510 आवासों का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से 61,163 आवास स्वीकृत हो चुके हैं।

लक्ष्य में से 6,347 आवास स्वीकृति के लिए शेष हैं। अब तक 26,562 लाभार्थियों को पहली किश्त दी जा चुकी है। दूसरी किश्त केवल 9 लाभार्थियों को ही मिली है और तीसरी किश्त पाने के लिए उनका फॉलोअप जारी है। जिले के 34,601 लाभार्थी पहली किश्त का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक एक भी आवास पूरा नहीं हुआ है। साथ ही, वर्ष 2024-25 में एक लाख 78,335 लाभार्थियों ने पंजीयन कराया है। लक्ष्य एक लाख 19,675 था। इनमें से एक लाख 16,179 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से केवल 5,855 आवास ही पूरे हुए हैं। एक लाख 13,820 आवासों का निर्माण अब भी अधूरा है।

जिले में एक लाख से अधिक आवास अधूरे

जिले में एक लाख 13 हजार 820 आवासों का काम अधूरा है। ये आवास 2024-25 में स्वीकृत हुए हैं। एक साल बीत जाने के बाद भी आवासों का काम केवल धनाभाव के कारण रुका हुआ है। इससे लाभार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संदर्भ में संबधित अधिकारी ने बताया कि योजना में मंजूर राशि नहीं मिलने से काम रुका हुआ है राशि मिलते ही उसकी किशत लाभार्थियों को दी जाएगी।

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