दुय्यम पंजीयक कार्यालय को स्थानांतरित न किया जाए, पुसद तालुका के सभी दलों की मांग
Yavatmal District: पुसद में सभी दलों ने दुय्यम पंजीयक कार्यालय को सरकारी जमीन उपलब्ध होने तक न हटाने की मांग की। मौजूदा स्थान सुविधाजनक होने से स्थानांतरण का विरोध बढ़ा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
दुय्यम पंजीयक कार्यालय को स्थानांतरित न किया जाए
Pusad Local Parties Protest: स्थानीय गजानन महाराज मंदिर के सामने स्थित दुय्यम निबंधक कार्यालय को उसी स्थान पर रखने की मांग की गई है। जब तक उपयुक्त सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक कार्यालय को स्थानांतरित न किया जाए। इस संदर्भ में पुसद तालुका के सभी दलों ने 13 नवंबर को यवतमाल के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
दुय्यम पंजीयक कार्यालय गजानन महाराज मंदिर के सामने स्थित है और यहां लगभग 40,000 वर्गफीट का खुला परिसर उपलब्ध है, जिसमें पार्किंग सुविधा और आम नागरिकों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसी कारण शहर में इस तरह की दूसरी उपयुक्त जगह उपलब्ध होना कठिन बताया गया है। इसलिए मांग की गई है कि कार्यालय को फिलहाल इसी स्थान पर बनाए रखा जाए, और केवल सरकारी जगह उपलब्ध होने पर ही उसका स्थानांतरण किया जाए। किसी निजी स्थान पर स्थानांतरण न करने की स्पष्ट मांग की गई है।
कार्यालय और पुलिस स्टेशन काफी निकट
प्रतिनिधियों ने बताया कि इस स्थान से बस स्टॉप, तहसील कार्यालय, उप-विभागीय कार्यालय और पुलिस स्टेशन काफी निकट हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह अत्यंत सुविधाजनक है, और सभी कार्य एक ही स्थान से आसानी से संपन्न हो जाते हैं। ऑटो रिक्शा का किराया 100 से 200 रुपये तक पहुंच जाने के कारण कार्यालय का स्थान बदलना ग्रामीणों के लिए और अधिक महंगा और असुविधाजनक साबित होगा।
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मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं
ठने की व्यवस्था उपलब्ध है। 2011 से यह कार्यालय इसी स्थान पर कार्यरत है, और आज तक इस स्थान के बारे में किसी प्रकार की कोई लिखित या उक्त परिसर में पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह, पेड़ तथा बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है। 2011 से यह कार्यालय इसी स्थान पर कार्यरत है, और आज तक इस स्थान के बारे में किसी प्रकार की कोई लिखित या मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में अचानक कार्यालय स्थानांतरित किए जाने का निर्णय उचित नहीं बताया गया।
ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि कार्यालय स्थानांतरण के बाद नागरिकों को असुविधा होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यालय को वर्तमान स्थान से हटाया गया, तो उसके विरोध में कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन अनशन किया जाएगा।
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कई लोंगो की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपते समय सुरेश राठौड़, मिलिंद पेंशनवार, प्रवीण राठौड़, विट्ठल घाटे, इकबाल अहमद कादरी, जबीउल्लाह खान, नीलकंठ घाटे, नारायण झामरे, सखाराम डोरले, विजय शिलार, रामराव योगी, नारायण चव्हाण, संतोष हरल, जय जाधव, गणपत हटकर, रवींद्र दलवी, नीलेश जाम्बुतकर, शंकर चव्हाण, सलेंद्र महाजन, अभिषेक राठौड़, दिनकर दंगले, गिरिधर कोबले, सदाशिव विट्ठलकर, शिवाजी कोराड, सुधाकर राठौड़, शमी खान, शीतल काकड़, संतोष अंभोरे, रहमान चव्हाण, ए. हामिद शेख, संजय गजभिये सहित 50–60 नागरिकों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र जिला कलेक्टर यवतमाल, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा राज्य मंत्री इंद्रनील नाइक को सौंपा गया।
