यवतमाल में उमेद अभियान की बड़ी सफलता, 34 हजार एकल महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
Self Help Groups Maharashtra: यवतमाल जिले में उमेद अभियान के तहत चलाए गए विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। 34 हजार से अधिक एकल महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Single Women Empowerment (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yavatmal UMED Campaign: यवतमाल जिला परिषद की ओर से महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान (उमेद) के अंतर्गत जिले की एकल महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए गए विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के माध्यम से जिले की 34 हजार से अधिक एकल महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ-साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस के अवसर पर 23 से 25 जून के दौरान जिलेभर में आजीविका संवर्धन, व्यक्तिगत विकास और सामाजिक सशक्तिकरण विषयों पर विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष धोत्रे की संकल्पना तथा परियोजना संचालक आनंद पिंगले के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविरों में उमेद अभियान के तहसील अभियान प्रबंधक, तहसील प्रबंधक, प्रभाग समन्वयक, ग्रामसखी तथा बड़ी संख्या में एकल महिलाओं ने भाग लिया। शिविरों में विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
34 हजार महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का रास्ता
साथ ही उद्योग एवं व्यवसाय में सफल एकल महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। कम पूंजी में घर अथवा गांव स्तर पर शुरू किए जा सकने वाले व्यवसायों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान बताया गया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने पर महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिलता है। उमेद अभियान के अंतर्गत अभी तक स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़ी एकल महिलाओं को भी ग्रामसखियों के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
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यवतमाल में उमेद अभियान सफल
उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों के अवसर, आवश्यक प्रशिक्षण तथा प्रभाग संघ के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष धोत्रे एवं परियोजना संचालक आनंदराव पिंगले ने गांव स्तर पर अब तक स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़ी एकल महिलाओं से इस अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। तहसील स्तरीय कार्यशालाओं को सफल बनाने में जिला अभियान प्रबंधक सारंग आगरकर तथा जिला प्रबंधक स्नेहा खडसे, जितेंद्र मेश्राम, प्रीतम हस्ते और सागर वानखडे ने विशेष योगदान दिया।
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कार्यक्रम स जुड़ी महिलाओं की तहसीलवार संख्या
| क्रमांक | तहसील | जुड़ी हुई महिलाओं की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | वणी | 2,839 |
| 2 | दिग्रस | 2,222 |
| 3 | कलंब | 2,239 |
| 4 | यवतमाल | 2,109 |
| 5 | केलापूर | 2,190 |
| 6 | घाटंजी | 2,687 |
| 7 | रालेगांव | 2,044 |
| 8 | दारव्हा | 2,316 |
| 9 | नेर | 1,795 |
| 10 | मारेगांव | 1,597 |
| 11 | पुसद | 2,492 |
| 12 | उमरखेड़ | 2,501 |
| 13 | बाभूलगांव | 1,556 |
| 14 | महागांव | 2,738 |
| 15 | आर्णी | 1,812 |
| 16 | झरी-जामणी | 1,501 |
