नाती की जान का डर और गुप्तधन का झांसा; यवतमाल में सेवानिवृत्त कर्मचारी से ₹3.75 लाख ठगने वाला भोंदूबाबा बेनकाब
Yavatmal Tantrik Fraud Case: यवतमाल में गुप्तधन और नाती की जान को खतरा बताकर एक कथित तांत्रिक ने सेवानिवृत्त कर्मचारी से 3.75 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
- Written By: अंकिता पटेल
यवतमाल, भोंदूबाबा ,गुप्तधन, पुलिस मामला,प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : एआई फोटो)
Yavatmal Hidden Treasure Fraud Scam: यवतमाल घर के परिसर और खेत में गुप्तधन होने तथा उसे नहीं निकालने पर नाती की जान को खतरा होने का डर दिखाकर एक तांत्रिक (भोंदूबाबा) ने सेवानिवृत्त कर्मचारी से 3 लाख 75 हजार 500 रुपये ठग लिए, यह मामला गुरुवार को यादव लेआउट, लोहारा परिसर में सामने आया। इस मामले में लोहारा पुलिस थाने में भोंदूबाबा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी का नाम संजय कवडेवार, निवासी दहेली, तहसील किनवट, जिला नांदेड है। जबकि ठगी का शिकार हुए व्यक्ति का नाम सतीश सोपान पाटिल (62), निवासी यादव लेआउट है। सतीश पाटील रजिस्टर ऑफिस से सेवानिवृत्त हुए हैं।
उनकी बेटी प्रिया का दो वर्षीय बेटा हमेशा बीमार रहता था। उसके इलाज के लिए वह यवतमाल आई थी। 30 अगस्त 2025 को एक बाल अस्पताल में प्रिया की मुलाकात एक अज्ञात महिला से हुई।
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गुप्तधन और नाती की जान का डर दिखाकर लाखों की ठगी
उस महिला ने कहा कि यदि अस्पताल में इलाज से फायदा नहीं हो रहा है तो बाहर किसी को दिखाएं और उसने किनवट के संजय कवडेवार का नाम सुझाया। अक्टूबर 2025 में सतीश पाटिल काम के सिलसिले में किनवट गए थे। वहां उन्होंने आरोपी से मुलाकात की।
इसके बाद 8 नवंबर 2025 को आरोपी कवडेवार पाटिल के लोहारा स्थित घर पहुंचा। उसने बीमार नाती को देखकर अगरबत्ती जलाई और कुछ मंत्र पढ़ने का नाटक किया। इसके बाद उसने कहा कि घर के परिसर और खेत में गुप्तधन दबा हुआ है। उसे निकालने के लिए पूजा करनी होगी और जड़ी-बूटी लानी पड़ेगी।
ऐसा नहीं करने पर नाती की जान को खतरा होने की बात कहकर उसने परिवार को डराया। नाती की चिंता में डूबे पाटिल ने शुरुआत में आरोपी को 45 हजार रुपये दिए। इसके बाद आरोपी ने समय-समय पर पैसों की मांग शुरू कर दी। पाटिल ने 16 दिसंबर 2025 से 23 मार्च 2026 के बीच फोन पे के माध्यम से कुल 2 लाख 90 हजार रुपये आरोपी को भेजे।
पूजा कर ढोंग रचकर घर में पेटी गाड़ी
बाद 7 जनवरी 2026 को आरोपी पाटिल के घर आया और गुप्तधन निकालने की पूजा का ढोंग रचा। उसने एक छोटी पेटी लाई और उसमें पाटिल की 40 हजार रुपये कीमत की 5 ग्राम सोने की अंगूठी तथा 500 रुपये नकद रखने को कहा। इसके बाद उसने वह पेटी घर के परिसर में गड्डा खोदकर जमीन में दबा दी।
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साथ ही पेटी से छेड़छाड़ करने पर जान को खतरा होने की धमकी दी। डर के कारण परिवार ने उस पेटी को हाथ नहीं लगाया। कुछ दिनों बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने के बाद सतीश पाटिल ने लोहारा पुलिस थाने में भोंदूबाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
