
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Operation Muskan 14 Washim Police: वाशिम जिले में बचपन को सुरक्षित करने और बिछड़े हुए मासूमों को उनके परिवार से मिलाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक अनुज तारे के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का 14वां चरण शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य जिले के गुमशुदा बच्चों को खोज निकालना है।
महाराष्ट्र राज्य के महिला व बाल अपराध प्रतिबंध विभाग के निर्देशानुसार, यह विशेष खोज अभियान 20 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक पूरे वाशिम जिले में चलाया जा रहा है। इस एक महीने के दौरान पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य उन बच्चों को ढूंढना है जो किसी कारणवश अपने घर से दूर हो गए हैं या अपराध की दुनिया की गिरफ्त में फंस गए हैं।
अभियान की सफलता के लिए वाशिम जिले के हर पुलिस थाने में एक स्वतंत्र ‘मिसिंग सेल’ का गठन किया गया है। स्थानीय अपराध शाखा (LCB) इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही है। उपविभागीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक समन्वयात्मक नेटवर्क तैयार किया गया है, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके और बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
पुलिस की विशेष टीमें केवल थानों के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे जमीनी स्तर पर जाकर सघन जांच करेंगी। इसमें आश्रम शालाएं और बालगृह, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, अस्पताल, होटल, सड़कों पर भीख मांगने वाले या कचरा बीनने वाले बच्चे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच करेगी कि क्या ये बच्चे मानव तस्करी (Human Trafficking) का शिकार हुए हैं या किसी संगठित गिरोह द्वारा इनसे मजदूरी करवाई जा रही है।
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इस मिशन को केवल एक पुलिसिया कार्रवाई न मानकर एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन इस कार्य में बाल कल्याण समितियों (CWC), गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और बाल सुरक्षा कक्षों का सक्रिय सहयोग ले रहा है।
वाशिम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी संदिग्ध या लावारिस बच्चा दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। नागरिक वाशिम कंट्रोल रूम के नंबर 07252-234834 या आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। आपकी सतर्कता किसी मासूम की मुस्कान वापस ला सकती है।






