
Washim Development:वाशिम में जिला नियोजन समिति (सोर्सः सोशल मीडिया)
Washim DPC Meeting: वाशिम जिले के समग्र विकास के लिए जिला नियोजन समिति (डीपीसी) के माध्यम से ठोस और प्रभावी नियोजन करना अत्यंत आवश्यक है। सरकार की ओर से जिले के लिए स्वीकृत निधि किसी भी परिस्थिति में व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और उसका उपयोग समय पर तथा सही कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। यदि जनप्रतिनिधि और प्रशासन आपसी तालमेल से कार्य करेंगे, तो विकास कार्यों को निश्चित रूप से गति मिलेगी।
सभी विभागों को नियोजन और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए, ताकि बुनियादी सुविधाओं, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर आम नागरिकों को उनका सीधा लाभ मिल सके। यह बात राज्य के कृषि मंत्री एवं जिले के पालक मंत्री ना. दत्तात्रेय भरणे ने कही। वे जिला नियोजन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस बैठक में विधायक श्याम खोड़े, विधायक सई डहाके, विधान परिषद सदस्य विधायक किरण सरनाईक के साथ जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, जिला पुलिस अधीक्षक अनुज तारे, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान, उपवनसंरक्षक अभिजीत वायकोस, परिविक्षाधीन भाप्रसे अधिकारी आकाश वर्मा, अपर जिलाधिकारी ब्रिजेश पाटील, निवासी उपजिलाधिकारी विश्वनाथ घुगे, जिला नियोजन अधिकारी राजेश सोनखासकर तथा सहायक नियोजन अधिकारी संजय राठोड उपस्थित थे। जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने जिले की विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
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सांसद संजय देशमुख ने जिले की एमआईडीसी में हल्दी उद्योग के लिए स्वतंत्र भूखंड उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक श्याम खोड़े ने मंगरुलपीर एमआईडीसी से जुड़े मुद्दे उठाए। विधायक किरण सरनाईक ने जिले के स्कूलों में सोलर पैनल लगाने का सुझाव दिया, जबकि विधायक सई डहाके ने दलित बस्तियों के लिए अपेक्षा से कम फंड मिलने के मुद्दे पर समिति का ध्यान आकर्षित किया। वाशिम शहर में ट्रक पार्किंग की समस्या को देखते हुए पालकमंत्री दत्तात्रेय भरणे ने रिंग रोड निर्माण के लिए स्वतंत्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।






