
डिजिटल टिकटिंग (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के बीच डिजिटल टिकटिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है। टिकट खिड़की पर लगने वाली लंबी कतारों से बचने के लिए यात्री मोबाइल टिकट और एटीवीएम जैसे स्मार्ट विकल्प अपना रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के उपनगरीय मार्ग पर क्यूआर कोड आधारित भुगतान, यूपीआई सुविधा और यूटीएस मोबाइल ऐप के कारण डिजिटल टिकटिंग को खासा बढ़ावा मिला है।
इसका नतीजा यह है कि कुल टिकट बिक्री में अब 42 फीसदी हिस्सेदारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की हो चुकी है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना महामारी के बाद यात्रियों ने भीड़ से बचने के उद्देश्य से डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी।
लॉकडाउन के बाद एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2022-23 में जहां एटीवीएम से 4.77 करोड़ (19%) और मोबाइल से 1.81 करोड़ (7%) टिकट जारी हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर एटीवीएम से 5.33 करोड़ (25%) और मोबाइल से 3.64 करोड़ (17%) तक पहुंच गई।
दिसंबर 2025 तक एटीवीएम टिकट से करीब 8.71 करोड़ और मोबाइल टिकट से 21.59 करोड़ यात्रियों ने लोकल यात्रा की, जिसमें मोबाइल टिकटिंग सबसे तेजी से बढ़ती दिखी। पश्चिम रेलवे मुंबई डिवीजन में प्रतिदिन करीब 31 लाख यात्री लोकल और लगभग 1 लाख यात्री मेल एक्सप्रेस ट्रेनों से सफर करते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एटीवीएम, यूटीएस ऐप, क्यूआर कोड आधारित टिकट खिड़की (जेटीबीएस) और एटीवीएम में क्यूआर भुगतान जैसी सुविधाओं के विस्तार से डिजिटल टिकटिंग में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
ये भी पढ़ें :- Kandivli East: अवैध फेरीवालों पर BMC का सख्त एक्शन, लोखंडवाला परिसर हुआ क्लियर
रेलवे ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत यात्रियों को एटीवीएम, क्यूआर कोड, मोबाइल टिकट और जेटीबीएस जैसी सुविधाएं दे रही है, ताकि टिकट खिड़की पर भीड़ कम हो। स्टेशनों पर एटीवीएम की संख्या भी चढ़ाई जा रही है और मार्च तक 250 से अधिक नए एटीवीएम लगाए जाएंगे, डिजिटल विकल्प बढ़ने से खिड़की पर भी टिकट आसानी से मिल रहे हैं।
-विनीत अभिषेक, सीपीआरओ, पश्चिम रेलवे






