
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sindi Railway Public Health Issues: वर्धा जिले के सिंदी-रेलवे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर 3 जनवरी को एक अनोखा ‘भजन आंदोलन’ देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न भजन मंडलियों ने एक साथ मिलकर भजनों के माध्यम से शासन और प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सिंदी-रेलवे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को पूर्ण विकसित ग्रामीण अस्पताल का दर्जा दिलाना है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति का निजी स्वार्थ नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
आंदोलन के दौरान “हमें भिक्षा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य का अधिकार चाहिए” का नारा प्रमुखता से गूंजा। सिंदी एक नगरपरिषद क्षेत्र है, जहाँ की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर यहाँ अब भी ढांचागत सुविधाओं का भारी अभाव है।
प्रदर्शनकारियों ने दुख व्यक्त किया कि एक ओर सरकार बड़ी परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सिंदी जैसे महत्वपूर्ण शहर में एक अस्पताल के लिए निधि उपलब्ध न होना प्रशासन की मंशा पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
नागरिकों ने सवाल उठाया कि सिंदी-रेलवे क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के बावजूद इसे अब तक ग्रामीण अस्पताल का दर्जा क्यों नहीं दिया गया। वर्तमान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीमित संसाधनों के कारण गंभीर मरीजों का इलाज करने में असमर्थ है, जिससे स्थानीय लोगों को इलाज के लिए वर्धा या अन्य बड़े शहरों की ओर भागना पड़ता है।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि जनता के जीवन से बढ़कर कोई भी राजनीतिक हित नहीं होना चाहिए, इसलिए प्रशासन को शांतिपूर्ण ढंग से उठाई गई इस आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए।
इस भजन आंदोलन में परिसर की विभिन्न भजन मंडलियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर एकता का परिचय दिया। हालांकि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और भक्तिमय रहा, लेकिन आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह ‘भजन आंदोलन’ एक तीव्र और उग्र जनआंदोलन का रूप ले लेगा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और सबकी नजरें अब सरकार के निर्णय पर टिकी हैं।






