
प्रदीपसिंह ठाकुर बने नए उपाध्यक्ष (सौजन्य-नवभारत)
Pradeepsingh Thakur Vice President: वर्धा जिले के मुख्यालय वर्धा में नगर पालिका के उपाध्यक्ष और चार स्वीकृत सदस्य पदों के चुनाव के लिए गुरुवार 15 जनवरी को विशेष सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में भाजपा के प्रदीपसिंह ठाकुर को उपाध्यक्ष पद के लिए बहुमत से चुना गया। वहीं, स्वीकृत सदस्य के रूप में भाजपा के प्रशांत बुर्ले, निलेश पोहेकर, कमलेश आकरे और वर्धा शहर विकास आघाड़ी के शाहीन परविन मोहसिन अली का चयन किया गया।
उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के प्रदीपसिंह ठाकुर ने नामांकन दाखिल किया था, जबकि कांग्रेस-प्रणीत वर्धा शहर विकास आघाड़ी की श्वेता पाठक ने भी नामांकन प्रस्तुत किया था। इसके बाद नगरसेवकों ने हाथ उठाकर अपना मत दर्ज किया। इस प्रक्रिया में प्रदीपसिंह ठाकुर को 29 वोट मिले, जबकि श्वेता पाठक को 10 वोट मिले।
इसके बाद पिठासीन अधिकारी ने प्रदीपसिंह ठाकुर को नगर परिषद उपाध्यक्ष घोषित किया। स्वीकृत सदस्य पद के लिए भाजपा ने प्रशांत बुर्ले, निलेश पोहेकर, कमलेश आकरे के नाम प्रस्तावित किए थे, वहीं कांग्रेस-प्रणीत वर्धा शहर विकास आघाड़ी ने शाहीन परवीन मोहसिन अली का नाम आगे किया। चूंकि स्वीकृत सदस्य पद के लिए चार ही नाम सामने आए थे, इस कारण स्वीकृत सदस्य पद का चुनाव निर्विरोध हुआ।
पीठासीन अधिकारियों ने प्रशांत बुर्ले, निलेश पोहेकर, कमलेश आकरे और शाहीन परवीन मोहसिन अली को स्वीकृत सदस्य के रूप में घोषित किया। उपाध्यक्ष और स्वीकृत सदस्य के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस-प्रणीत वर्धा शहर विकास आघाड़ी के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के समर्थकों ने वर्धा नगर पालिका के सामने विजय का उत्सव मनाया।
वर्धा नगर परिषद के स्वीकृत सदस्य की चयन प्रक्रिया निर्विरोध रही, हालांकि उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान प्रक्रिया के दौरान नगरसेवकों ने हाथ उठाकर अपना समर्थन दिया। पिठासीन अधिकारी के रूप में नगराध्यक्ष सुधीर पांगुल ने कार्यवाही देखी। इस दौरान मुख्याधिकारी विजय देशमुख और उपमुख्य अधिकारी अभिजीत मोटघरे की प्रमुख उपस्थिति रही। संचालन चित्रा चाफले ने किया।
जिले में कुल छह नगर परिषद में से आर्वी नगर परिषद को छोड़कर अन्य पांच नगर परिषद में उपाध्यक्ष और स्वीकृत सदस्य पद की चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आर्वी नगर परिषद के उपाध्यक्ष और स्वीकृत सदस्य के चुनाव के लिए शुक्रवार, 16 जनवरी को सुबह 10 बजे विशेष सभा का आयोजन किया गया है।
वर्धा नप के उपाध्यक्ष के पद के लिए राखी पांडे व डा. सुनिल चावरे का नाम चर्चा में था। परंतु, ऐन समय पर ठाकुर का नाम आगे किया गया। ठाकुर नप के अनुभवी सदस्य होने के साथ इसके पूर्व उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके है। ठाकुर के नाम पर अंतिम मुहर पूर्व सांसद दत्ता मेघे ने लगाने की जानकारी है। मेघे के शब्द को पालकमंत्री भोयर ने अंतिम मानते हुए ठाकुर के नाम को फाइनल किया।
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दूसरी और मनोनीत सदस्य के रूप में कमलेश आकरे के नाम को लेकर सभी को आश्चर्य का झटका लगा है। क्योंकि भाजपा की और से मनोनित सदस्य बनने के लिए अनेक दावेदार थे। परंतु, पालकमंत्री ने आकरे के नाम को हरी झंडी दे दी। परिणामवश भाजपा में नाराजगी देखने मिली रही है। मनोनीत सदस्य को लेकर पालकमंत्री के खेमे से नाराजगी उभरकर आ रही है।
पालकमंत्री गुट के सदस्यों ने अपनी नाराजगी जताई है। उपाध्यक्ष पद पर फिर ठाकुर को मौका देने के कारण एक महिला नगरसेवक ने सरेआम अपनी भड़ास निकाली। नप चुनाव से ही भाजपा में आपसी मनमुटाव देखने मिल रहा। वहीं आघाड़ी से एकमात्र मनोनीत सदस्य बनाया गया है। अचानक अली को सदस्य बनाए जाने के कारण आघाड़ी में नाराजगी देखने मिल रही है। इसके पीछे अर्थ कारण होने की बात कहीं जा रही है।






